13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रियो ओलिंपिक में ब्राजील के सेक्स वर्कर्स ने निकाले स्पेशल ऑफर्स

रियो डि जेनेरियो के रेड लाइट एरिया में सेक्स वर्कर्स 30 मिनट के लिए 9 पाउंड (लगभग 800 रुपए) ऑफर कर रही है

2 min read
Google source verification

image

Sunil Sharma

Jul 07, 2016

jabalpur news in hindi,sex market, prostitution, s

sex worker

रियो डि जेनेरियो। ब्राजील में रिओ ओलंपिक गेम्स के पहले कुछ एक्सक्लूसिव ऑफर्स दिए जा रहे हैं। ये ऑफर्स उन लोगों के लिए हैं जो ब्राजील में मौज-मस्ती करना चाहते हैं। रियो डि जेनेरियो के रेड लाइट एरिया में सेक्स वर्कर्स 30 मिनट के लिए 9 पाउंड (लगभग 800 रुपए) ऑफर कर रही है। यह प्राइस आम दिनों के मुकाबले लगभग आधे से भी कम है।

बताया जाता है कि दो साल पहले यहां हुए फुटबॉल वर्ल्ड कप में सेक्स वर्कर्स को उम्मीद से काफी कम आय हुई थी। ऐसे में यहां के सेक्स वर्कर्स ने इस बार ओलंपिक के पहले ही अपना एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। ये प्लान यहां आने वाले सैलानियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

ग्रुप पैकेज भी है उपलब्ध
इसमें आधे घंटे के लिए 9 पाउंड (800 रुपए) वसूले जा रहे हैं जो नॉर्मल प्राइस के मुकाबले 48 फीसदी तक कम है। वहीं एक घंटे के लिए 13 पाउंड (1150 रुपए) चार्ज किए जा रहे हैं जो आम दिनों में 20 पाउंड (1800 रुपए) से काफी कम है। यही नहीं यहां पर ग्रुप पैकेज भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर तीन लोगों के लिए आधे घंटे का ऑफर प्राइस हर लड़की के हिसाब से 800 रुपए और एक घंटे का 1600 रु. है।

खराब अर्थव्यवस्था के चलते कमाई हुई कम
माना जाता है कि यहां के विकट आर्थिक हालात के चलते सेक्स इंडस्ट्री भी अछूती नहीं रही है। यही वजह है कि यहां पर इन लोगों की भी इनकम इतनी कम हो गई है। इस धंधे से जुड़ी एक प्रॉस्टिट्यूट ने बताया कि पहले यहां रोज 12 घंटे की शिफ्ट में 6 से 8 क्लाइंट आ जाते थे, लेकिन अब एक भी बड़ी मुश्किल से मिलता है। ऐसे में हम नहीं चाहते कि एक और वर्ल्ड कप टूर्नामेंट का आयोजन हो।

रियो डि जेनेरियो की सबसे बड़ी और पुरानी प्रॉस्टिट्यूशन जोन विला मिमोसा में 70 से ज्यादा बॉर्स तथा 3000 से ज्यादा सेक्स वर्कर्स काम करती है। खराब आथिर्क अर्थव्यवस्था का असर इन लोगों पर भी पड़ रहा है। यहां के लोग अब खर्च नहीं कर पा रहे हैं जिसके चलते आमदनी कम हो रही है।

ये भी पढ़ें

image