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सानिया ने कहा 2020 ओलम्पिक खेलों में देश के लिए टेनिस कोर्ट पर करेंगी वापसी

महिला युगल वर्ग में पूर्व वर्ल्ड नम्बर-1 सानिया अक्टूबर में अपने पहले बच्चे को जन्म देंगी। उन्होंने साक्षात्कार में अपने निजी जीवन और ओलम्पिक खेलों से पहले टेनिस कोर्ट में वापसी की उम्मीद के बारे में कई बातें साझा कीं।

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Prabhanshu Ranjan

Jul 27, 2018

सानिया ने कहा 2020 ओलम्पिक खेलों में देश के लिए टेनिस कोर्ट पर करेंगी वापसी

सानिया ने कहा 2020 ओलम्पिक खेलों में देश के लिए टेनिस कोर्ट पर करेंगी वापसी

नई दिल्ली । टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा ने उम्मीद जताई है की वो 2020 ओलम्पिक खेलों में खेल सकती हैं । आपको बता दें वो अभी गर्भवती हैं और पब्लिक में बहुत कम ही आती हैं । वो पहले घुटने की चोट और उसके बाद गर्भवती होने के कारण टेनिस कोर्ट से दूर रह रहीं दिग्गज भारतीय खिलाड़ी सानिया मिर्जा का कहना है कि वह 2020 टोक्यो ओलम्पिक खेलों में प्रतिस्पर्धा की आशा रखती हैं। 'गल्फ न्यूज' के साथ हाल ही में हुए साक्षात्कार में सानिया ने इस इच्छा को जाहिर किया।

इस साल के अंत तक बच्चे को जन्म दे सकती हैं
महिला युगल वर्ग में पूर्व वर्ल्ड नम्बर-1 सानिया अक्टूबर में अपने पहले बच्चे को जन्म देंगी। उन्होंने साक्षात्कार में अपने निजी जीवन और ओलम्पिक खेलों से पहले टेनिस कोर्ट में वापसी की उम्मीद के बारे में कई बातें साझा कीं। सानिया ने कहा, "हम अब भी 2018 में हैं और मेरा लक्ष्य निश्चित तौर पर वापसी की कोशिश और 2020 ओलम्पिक खेलों में प्रतिस्पर्धा करना है।"उन्होंने कहा, "यह एक यथार्थवादी लक्ष्य है, क्योंकि इस साल के अंत तक मैं अपने बच्चे को जन्म दूंगी।"

हमेशा रही हैं भीड़ से हटके
31 वर्षीया सानिया ने कहा, "मैंने अपने जीवन में 'महिला के पारंपरिक जीवन के तरीके' का पालन नहीं किया। मैं हमेशा अलग चली हूं और इससे काफी खुश हूं।"सानिया ने कहा कि उनके फैसलों का उनके परिवार ने हमेशा पूरा समर्थन किया है, फिर चाहे उस दौरान हैदराबाद में टेनिस खेलने का फैसला हो, जब कोई टेनिस खेलने या विंबलडन जीतने का सपना भी नहीं देखता था, या फिर शादी करने और आठ साल बाद मां बनने का फैसला हो।

अपने शर्तों पर जिया है जीवन
सानिया ने कहा कि उन्होंने अपना जीवन अपनी शर्तो पर जिया है। उनका कहना है कि खेल उनके जीवन के सबसे अच्छे शिक्षकों में से हैं। उन्होंने कहा, "खेल ने ही हमें (सानिया और शोएब मलिक) हमें बहुत कुछ दिया है, लेकिन जो उपलब्धि हमने हासिल की है उसके लिए इसने हमसे काफी कुछ ले भी लिया है। लेकिन, हम मैदान पर और मैदान के बाहर दबाव को समझते हैं।