भारत महिलाओं के लिए बेहद असुरक्षित है । एक सर्वे में सामने आया है कि यहां ज्यदातर महिलाएं आए दिन यौन दुर्व्यवहार का शिकार बनती हैं। सुनसान और भीड़ भरे इलाकों में अक्सर पुरुष बदतमीजी करते है।
नई दिल्ली । भारत महिलाओं के लिए सुरक्षित देश नहीं है यह सुन कर ही हर भारतीय खुद को अपमानित महसूस करता है । चाहे हम सच से कितना भी मुंह फेर ले लेकिन सच क्या है हम सभी जानते हैं । फब्तियां, घूरती आंखों से भद्दे इशारे, बलात्कार आज भारत में इस सब से आए दिन महिलाओं को गुजरना पड़ता है । मेट्रो, बस और शेयर वाले कैब्स में लड़कियों को रोज मनचलों का सामना करना पड़ता है । इन सब के बीच चेन्नई में हो रहे स्क्वैश चैम्पियनशिप में स्विटजरलैंड की एंबर एलिन्क्से ने टूर्नामेंट से भारत के मर्दो के वजह से नाम वापस ले लिया है ।
माता-पिता ने लिया फैसला
16 साल की एंबर एलिन्क्से स्विटजरलैंड की जूनियर गर्ल्स स्क्वैश खिलाड़ी एंबर एलिन्क्से अपने देश की टॉप खिलाड़ी हैं। इस स्क्वैश खिलाड़ी के माता-पिता को जब पता चला उनकी बेटी भारत में होने वाले 2018 वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैम्पियनशिप के लिए चेन्नई आने वाली है । तो उन्होंने अपनी बेटी को भारत भेजने से मना कर दिया । इसकी वजह उन्होंने उन्होंने मीडिया में भारत में महिलाओं के खिलाफ छप रही हिंसा की खबरों को बताया है । उन्हें दर है उनकी बेटी अगर भारत आती है तो उसके साथ भी कुछ गलत हो सकता है । और बस इसलिए उन्होंने अपनी बेटी को भारत भेजने से मना कर दिया है ।
कोच ने भी किये प्रयास
आपको बता दें स्विटजरलैंड स्क्वैश के जूनियर नेशनल कोच पास्कल ब्रूहिन ने कहा है की “एंबर हमारे देश की नंबर वन जूनियर खिलाड़ी है मार्च में यूरोपियन जूनियर चैम्पियनशिप में वो प्ले ऑफ में तीसरे नंबर पर रही थीं, लेकिन दुर्भाग्य से उसके माता-पिता ने भारतीय मीडिया में महिला उत्पीड़न वाली खबरें पढ़ने के बाद उन्हें इस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए चेन्नई नहीं जाने दिया । इंटरनेट पर भारत में महिलाओं के साथ होने वाले अपराध के बारे में बहुत कुछ आता रहता है और एंबर के माता-पिता ने वही पर इस तरह की खबरें पढ़ी और ऐसा फैसला किया । कोच पास्कल ब्रूहिन ने बताया उन्होंने भी बहुत प्रयास किये बर के माता-पिता को समझाने की । लेकिन उसका कोई सफल परिणाम नहीं आया ।उन्होंने आगे बताया “मैंने उन्हें समझाने की कोशिश की क्योंकि ये एक वर्ल्ड चैम्पियनशिप था और मैंने महसूस किया कि एंबर के पास एक अच्छा मौका है, लेकिन उसके माता पिता अपनी जिद पर अड़े रहें । क्योंकि ये उनकी बच्ची की सुरक्षा का मामला है मैं ज्यादा कुछ इसमें कर भी नहीं पाया''।
रिपोर्ट्स के मुताबिक खिलाड़ी के माता-पिता का डरना लाजमी
आपको यह जान कर काफी दुःख होगा की कुछ दिन पहले कनाडा की समाचार एजेंसी रायटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश है। इस एजेंसी ने अपनी एक महिलाओं के लिए असुरक्षित देशों की रैंकिंग भी बनाई थी । जिसमें भारत को अफगानिस्तान से भी नीचे रखा गया था।
भारत सरकार ने किया खंडन
इसके जवाब में भारत सरकार ने इस रिपोर्ट का सख्ती से खंडन किया था और उसे गलत बताया था। आपको बता दें कि तमिलनाडु के तिरूवन्नामलाई में पिछले हफ्ते एक पर्यटक से रेप की खबर आई थी। भारत में भी कई रिपोर्ट्स ने बताया है भारत के कई राज्यों को महिलाओं के लिए असुरक्षित है ।रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर मामलों में पुरुष फब्तियां कसते हैं । घूरने और आंखों से भद्दे इशारे भी आए दिन महिलाओं को झेलने पड़ते हैं । सर्वे में हिस्सा लेने वाली महिलाओं का कहना है कि अक्सर पुरुष उन्हें जबरदस्ती छूते हैं या सटने की कोशिश करते हैं । महिलाओं को असुरक्षित महसूस कराने के लिए कई अन्य कारणों को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक स्ट्रीट लाइटों की कमी, सार्वजनिक शौचालयों की कमी और सुनसान रास्तों से भी महिलाओं की सुरक्षा खतरे में पड़ती हैं।