नयी दिल्ली। भारतीय ओलंपिक संघ(आईओए) ने पहलवान नरसिंह पर लगे चार वर्ष के प्रतिबंध को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये कहा है कि यह खिलाड़ी का व्यक्तिगत नहीं बल्कि संपूर्ण देश का नुकसान है।
रियो ओलंपिक में भारतीय दल का हिस्सा 74 किग्रा वजन वर्ग में पहलवान नरसिंह पर शुक्रवार को खेल पंचाट (कैस) ने अपना फैसला सुनाते हुए चार वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया। रियो में नरसिंह के मुकाबले से ठीक पहले उन पर लगे प्रतिबंध के बाद उनका ओलंपिक में खेलने का सपना भी समाप्त हो गया है।
पहलवान पर यह प्रतिबंध तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने कैस के इस निर्णय को निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह केवल नरसिंह का ही नुकसान नहीं है यह पूरे देश का नुकसान है। खेल अदालत का यह निर्णय काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने साथ ही कहा कि नरसिंह के मामले में अंदरूनी राजनीति का भी बड़ा हाथ रहा है। मेहता ने कहा कि यदि इस पूरे मामले को देखें तो साफ हो जाएगा कि आखिरकार हुआ क्या है।
अंदर के ही कुछ लोग जो उसे ओलंपिक से रोकना चाहते थे वे अपने काम में सफल हो गए हैं। लेकिन हम इस निर्णय के खिलाफ अपील करेंगे और उनके खिलाफ इस बैन की समय सीमा को कम कराने की कोशिश करेंगे।