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AIBA प्रो बॉक्सिंग मैच में केन्या के अबाका का सामना करेंगे विकास

भारत के अनुभवी मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव शनिवार को एआईबीए प्रो बॉक्सिंग (एपीबी) मुकाबले में केन्या के निकसन अबाका का सामना करेंगे

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Bhup Singh

Jun 11, 2016

Vikas Krishan

Vikas Krishan

नई दिल्ली। भारत के अनुभवी मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव शनिवार को एआईबीए प्रो बॉक्सिंग (एपीबी) मुकाबले में केन्या के निकसन अबाका का सामना करेंगे। इस मुकाबले के बाद विकास अगले महीने पेशेवर मुक्केबाजों के लिए होने वाले ओलम्पिक क्वालीफायर में हिस्सा ले सकेंगे। विकास 75 किलोग्राम वर्ग में अपना दूसरा पेशेवर मुकाबला लड़ेंगे। विकास के पास हालांकि ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने का एक और मौका होगा, जब वह 16 जून को अजबैजान के बाकू में शुरू हो रहे क्वालीफाईंग टूर्नामेंट में राष्ट्रीय एमेच्योर टीम के साथ शिरकत करेंगे।

साल 2014 में आयोजित एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वोल विकास ने कहा है कि अगर वह बाकू में होने वाले क्वालीफाईंग के माध्यम से ओलम्पिक सीट हासिल कर लेंगे तो उनके लिए वेनेजुएला में पेशेवर मुक्केबाजों के लिए होने वाले ओलम्पिक क्वालीफाईंग टूर्नामेंट का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। विकास ने हालांकि कहा कि वह 3 से 8 जुलाई तक होने वाले इस क्वालीफाईंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेना चाहेंगे क्योंकि वह ओलम्पिक से पहले अनुभव बटोरना चाहते हैं।

विकास ने कहा, बीते तीन या चार साल में भारतीय मुक्केबाजों को प्रतिस्पर्धी माहौल नहीं मिला है। मुक्केबाजी महासंघ में जारी अंदरूनी लड़ाई के कारण हम अच्छी तैयारी नहीं कर सके हैं। ऐसे में अगर मैं बाकू के माध्यम से ओलम्पिक की सीट हासिल कर लेता हूं तो भी मैं वेनेजुएला जाना चाहूंगा क्योंकि यह मेरे अनुभव और तैयारी के लिहाज से अच्छा रहेगा। 24 साल के विकास 2011 में विश्व चैम्पियनशिप में वेल्टरवेट (69 किलोग्राम) वर्ग में कांस्य पदक जीत चुके हैं।

विकास ने कहा कि वह पेशेवर और एमेच्योर स्तर पर लडऩे के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बकौल विकास, मैंने बीते कुछ महीनों में काफी मेहनत की है। मैं लगातार छह से आठ राउंड के मुकाबले की तैयारी कर रहा हूं। साथ ही मैं अपनी ताकत और स्टेमिना पर काम कर रहा हूं। विकास ने खासतौर पर एपीबी नाइट को आयोजित करने और उसे प्रायोजित करने के लिए शैल ग्रुप के चेयरमैन रोहित जैनेन्द्र जैन का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, इस बाउट को आयोजित करने में काफी मेहनत लगी है और पूरे भारतीय मुक्केबाजी समुदाय की उम्मीदें मुझ पर टिकी हुई हैं। इससे मुझ पर काफी दबाव आ गया है लेकिन सबसे अच्छी बात यही है कि मैं दबाव में बेहतर प्रदर्शन करता हूं।

विकास के प्रतिद्वंद्वी केन्या के अबाका 34 साल के लम्बे कद के मुक्केबाज हैं और वह वल्र्ड मिलिट्री गेम्स में कांस्य पदक जीत चुके हैं। विकास और अबाका का मुकाबला नोएडा के ग्रेट इंडिया प्लेस में होगा। मुकाबले सात बजे शाम से शुरू होंगे और इस दौरान कई अन्य मुकाबले भी होंगे। 91 किलोग्राम वर्ग में कुलदीप ङ्क्षसह का सामना दावांशू जायसवाल से होगा जबकि इसी वर्ग में बृजेश यादव का सामना हरजिंदर सिंह से होगा। इसी तरह 56 किलोग्राम वर्ग में मदन लाल का सामना संदीप बागरी से होगा।

ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाइंग मापदंडों में हाल में परिवर्तन किया गया था और प्रोफेशनल मुक्केबाजों के लिए भी दरवाजे खोल दिए गए हैं। वेनेजुएला में अगले महीने प्रो मुक्केबाजों के लिए होने वाले क्वालिफाइंग राउंड में उतरने की पात्रता हासिल करने के लिए एक मुक्केबाज को कम से कम दो एपीबी फाइट लडऩा जरूरी है। विकास ने अब तक एक प्रो मुकाबला लड़ा है और वह दूसरा प्रो मुकाबला लडऩे के लिए बेताब हैं।

आईबा प्रो बॉक्सिंग के प्रबंध निदेशक मिर्को वोल्ट इस बात से काफी संतुष्ट नजर आए कि यह मुकाबला पहली बार भारत में हो रहा है और उनका मानना है कि इससे मुक्केबाजी क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा, भारत में मुक्केबाजी में अपार संभावनाएं मौजूद हैं और इस बात को भारतीय मुक्केबाजों ने समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाया है। एपीबी के भारत आने से इस खेल की लोकप्रियता बढ़ेगी और ज्यादा से ज्यादा लोग मुक्केबाजी की तरफ आकर्षित होंगे।

मिर्काे को शनिवार को होने वाले मुकाबले का बेसब्री से इंतजार है और वह अपनी बेताबी रोक नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा, विकास रिंग में जबर्दस्त मुक्केबाज हैं और अपने दिन वह किसी भी मुक्केबाज को हरा सकता है। जहां तक निक्सन का सवाल है, लोग उसे एक योद्धा के रूप में जानते हैं। हम कल होने वाले एक जबर्दस्त मुकाबले के लिये तैयार हैं और सर्वश्रेष्ठ ही यह मुकाबला जीतेगा।

दिल्ली एमेच्योर मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष रोहित जैन ने कहा, मुझे विकास पर पूरा विश्वास है और जहां तक मैंने उसकी तैयारी देखी है, मुझे पूरा यकीन है कि उसे हराना बहुत मुश्किल होगा। वह बहुत प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा है और मुझे अभी से यह महसूस हो रहा है कि वह यह मुकाबला जीतेगा।

रोहित जैन ने इस बात को लेकर खुशी जताई कि उन्होंने एपीबी फाइट को भारत लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने वादा किया कि भविष्य में ऐसे और मुकाबले देखने को मिलेंगे।

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