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जिंदगी कैसी है पहेली : दो स्वर्ण और 11 रजत पदक के बावजूद कोई स्पॉन्सर नहीं, गुजर-बसर के लिए कैब चला रहे हैं पूर्व ओलंपियन पराग पाटिल

कुशवाह ने पोस्ट में पराग पाटिल की मदद की अपील की है, ताकि उन्हें फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने और जीतने का मौका मिल सके। पोस्ट पर कई यूजर्स ने कमेंट किए। एक यूजर ने लिखा, यह कहानी हमें याद दिलाती है कि भारत ओलंपिक पदक जीतने में क्यों संघर्ष करता है। पराग पाटिल जैसे एथलीट प्रतिभा और उपलब्धियों के बावजूद गरीबी का सामना करते हैं।

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एशिया कप जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दो स्वर्ण, 11 रजत और 3 कांस्य पदक जीतने वाले पूर्व ओलंपियन पराग पाटिल अब परिवार की गुजर-बसर के लिए कैब चला रहे हैं। मुंबई के आंत्रप्रेन्योर आर्यन सिंह कुशवाह ने एक्स पर पोस्ट में लॉन्ग जंप एथलीट पराग पाटिल के बारे में जानकारी शेयर की है। उनके मुताबिक स्पॉन्सर नहीं मिलने के कारण पराग का खेल करियर आगे नहीं बढ़ सका।

कुशवाह और मुस्कुराते हुए पाटिल की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। कुशवाह ने पोस्ट में लिखा, ‘मेरा कैब ड्राइवर ओलंपियन है। मिलिए पराग पाटिल से। ट्रिपल जंप में एशिया में दूसरे स्थान पर। लॉन्ग जंप में एशिया में तीसरे स्थान पर। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। कभी पदक के बगैर नहीं लौटे। फिर भी उनके पास कोई स्पॉन्सर नहीं है। वह कैब चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका एथलेटिक कॅरियर खत्म होने के कगार पर है।’

प्रतिभा और उपलब्धियों के बावजूद…
कुशवाह ने पोस्ट में पराग पाटिल की मदद की अपील की है, ताकि उन्हें फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने और जीतने का मौका मिल सके। पोस्ट पर कई यूजर्स ने कमेंट किए। एक यूजर ने लिखा, यह कहानी हमें याद दिलाती है कि भारत ओलंपिक पदक जीतने में क्यों संघर्ष करता है। पराग पाटिल जैसे एथलीट प्रतिभा और उपलब्धियों के बावजूद गरीबी का सामना करते हैं।

व्यवस्था को ठीक करने की जरूरत
एक अन्य यूजर ने पोस्ट पर लिखा, यह आदमी बहुत कुछ पाने का हकदार है। पता नहीं क्यों कई एथलीट्स इस तरह खत्म हो जाते हैं। उन्हें प्रायोजक नहीं मिलना अफसोस की बात है। व्यवस्था को ठीक करने की जरूरत है। ऐसी प्रतिभाओं का समर्थन करने के लिए हमें कुछ न कुछ जरूर करना चाहिए।