
नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ एक बार फिर अपनी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज(पीएमएल-एन) के अध्यक्ष चुने गए हैं। बता दें कि पिछले दिनों पनामा पेपर लीक मामले में कोर्ट द्वारा 28 जुलाई को संसद की सदस्यता के अयोग्य ठहराए जाने के बाद शरीफ को पीएम पद के साथ पार्टी का नेतृत्व भी छोडऩा पड़ा था।
कानून में किया गया संशोधन
दरअसल, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को एक फिर से पार्टी का अध्यक्ष चुनने के लिए संसद में कानून में संशोधन की जरूरत पड़ी। संसद में इस कानून संशोधन का प्रस्ताव लाकर उनके पीएमएल-एन का अध्यक्ष चुन लिया गया। इस प्रस्ताव के अनुसार संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित हो चुका व्यक्ति भी किसी राजनीतिक पार्टी का मुखिया बन सकता है। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के चलते उन्हें अपनी पार्टी का अध्यक्ष पद भी गंवाना पड़ा था। इस बिल में एक विवादास्पद धारा है जिसके तहत किसी अयोग्य करार दिए राजनेता को किसी राजनीतिक पार्टी के मुखिया बनने दिया जा सकता है।
नया कानून लेगा जगह
दरअसल, संसद में उनकी पार्टी पीएमएल-एन की ओर से कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाया गया था। 22 सितंबर को चुनाव प्रक्रिया सुधार विधेयक 2017 को संसद के उच्च सदन सीनेट ने पारित कर दिया। संशोधित कानून के अनुसार सरकारी कर्मचारी के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति किसी भी पार्टी में पद ग्रहण कर सकता है। ऐसा करने के लिए उसके सामने किसी कानून अड़चन के साथ ही कोई अन्य बाध्यता भी नहीं होगी। बताया जा रहा है कि नया नियम अब उस कानून का स्थान लेगा जिसके अनुसार किसी पार्टी का प्रमुख बनने के लिए व्यक्ति को संसद का चुना हुआ सदस्य होना अनिवार्य था। स्थानीय मीडिया के मुताबिक शरीफ को निर्विरोध इस पद के लिए चुना गया क्योंकि पार्टी के अंदर हुए इस चुनाव में उनके खिलाफ किसी अन्य ने दावेदारी नहीं दी थी। शरीफ अब अगले 4 साल तक इस पद पर रहेंगे।
Published on:
03 Oct 2017 01:48 pm
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