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आतंकवाद से जंग के नाम पर अमरीकी हथियारों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर रहा पाकिस्तान

भारत ने अमरीका से कहा कि पाकिस्तान को जो हथियार तालिबान से लड़ने के लिए दिए जा रहे हैं, उनका इस्तेमाल वह कश्मीर में कर रहा है।

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नई दिल्ली। आतंकवाद को लेकर दुनियाभर में किरकिरी करा रहा पाकिस्तान एक बार फिर अमरीका के सामने बेनकाब हो गया है। अफगानिस्तान में तालिबान से लड़ाई के नाम पर अमरीका से मिलने वाले संसाधनों को इस्तेमाल पाकिस्तान भारत के खिलाफ कर रहा है। यहां तक अमरीकी हथियारों का इस्तेमाल भी भारत के खिलाफ किया जा रहा है। भारत ने इस मामले से जुड़े अहम सबूत अमरीका को सौंपे हैं।

अमरीका ने दिए थे 2000 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल

सबूत सौंपने के साथ ही भारत ने अमरीका से कहा कि पाकिस्तान को जो हथियार तालिबान से लड़ने के लिए दिए जा रहे हैं, उनका इस्तेमाल वह कश्मीर में कर रहा है। बता दें कि अमरीका ने पाकिस्तान को US TOW-2A एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल जैसे खतरनाक हथियार दे रखे हैं। दरअसल, अमरीका में निर्मित TOW-2A एंटी-टैंक मिसाइल पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तालिबान से चल रही जंग के लिए खरीदा था। पाकिस्तान को ये 2000 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल उस अमरीकी कानून के जरिए दिए गए थे, जो अक्टूबर 2007 में कांग्रेस ने पास किया था।

पाक-अफगानी अधिकारियों की बातचीत

उधर, पाकिस्तानी और अफगानी अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां क्षेत्र में सुरक्षा, शांति और स्थिरता कायम करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रपट के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब पिछले सप्ताह पाकिस्तान के एक प्रतिनिधिमंडल ने काबुल का दौरा किया था। अफगानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेशमंत्री हिकमत खलील करजई कर रहे थे, जबकि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की अगुआ विदेश सचिव तहमीना जांजुआ थीं। क्षेत्र में संयुक्त रूप से आतंकवाद का सामना करने, हिंसा को कम करने, शांति स्थापित करने, अफगान शरणार्थियों के पुनर्वास और संयुक्त आर्थिक विकास के लिए 'अफगानिस्तान-पाकिस्तान में शांति और एकता के लिए कार्य योजना' के तहत दो दिवसीय वार्ता का आयोजन किया गया। विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने ट्वीट किया कि बैठक के दौरान पाकिस्तान ने अफगान सीमा पर सुरक्षा प्रबंधन मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद ने काबुल से पाकिस्तान विरोधी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया। इससे पहले अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री तथा राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय के प्रमुख ने अपने शीर्ष नागरिक और सैन्य अधिकारियों के साथ इस्लामाबाद का दौरा कर प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी से मुलाकात कर अफगानिस्तान में हुए आतंकवादी हमलों के संबंध में सहयोग मांगा। इस दौरान अफगान अधिकारियों ने काबुल हमले के संदिग्धों की सूची पाकिस्तान को सौंपी।