Rajasthan News- प्रारम्भिक शिक्षा : एक-दो अध्यापकों पर बोझ होने से विद्यार्थियों की नींव नहीं हो पाती मजबूत
Rajasthan News: बेहतर भवन के लिए नींव का मजबूत होना जरूरी है। उसी तरह संस्कारवान व बेहतर सोच का व्यक्ति बनने के लिए प्रारंभिक शिक्षा बेहतर होनी चाहिए, जो हमारे प्रदेश में नहीं हो पा रही है। जो बच्चे हैं, उनको तराशने वाले शिल्पकार शिक्षक ही स्कूलों में नहीं है।
राजस्थान में प्रारंभिक शिक्षा विभाग में अध्यापकों व शारीरिक शिक्षकों के 1 लाख 96 हजार 530 पद आवंटित हैं। इनमें से 24 हजार 252 पद रिक्त हैं। कक्षा एक से पांचवीं और आठवीं तक के कई स्कूलों सिर्फ दो-चार शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। वहीं शिक्षक प्रधानाध्यापक का कार्य भी करते हैं, जिससे शिक्षण प्रभावित होता है।
तृतीय श्रेणी से वरिष्ठ अध्यापकों में पदोन्नति की जाती है। इन वरिष्ठ अध्यापकों को डीपीसी के माध्यम से लगाया जाता है। प्रदेश में तृतीय श्रेणी अध्यापकों की वरिष्ठ अध्यापकों में डीपीसी तीन सत्र की बकाया है। ये होने पर विभाग में अधिक पद रिक्त हो जाएंगे।
प्रारिम्भक शिक्षा विभाग में पिछले सत्र में सीधी भर्ती से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। शहरी क्षेत्र में सीधी भर्ती से नियुक्तियां नहीं दी जा सकती है। इस कारण पद रिक्त होने से अधिक परेशानी शहरी क्षेत्र के स्कूलों में ही आ रही है। शहरी क्षेत्र में पद 6 थ्री प्रक्रिया के माध्यम से ही भरे जा सकते हैं।
शहरी क्षेत्र में शिक्षकों के पद रिक्त अधिक हैं। जो पद रिक्त हैं, उनको सरकार के निर्देशानुसार 6 थ्री के अनुसार भरे जाएंगे। शहरी क्षेत्र में सीधी भर्ती से नियुक्ति का प्रावधान नहीं है।
* मदन पंवार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक, मुख्यालय, पाली
प्रारंभिक शिक्षा विभाग में रिक्त पद हैं। तृतीय श्रेणी से वरिष्ठ अध्यापक की तीन सत्र की डीपीसी बकाया है। वह होने पर अधिक पद रिक्त होंगे। इन रिक्त पदों पर नई भर्ती हो सकती है।
* बसंत कुमार ज्याणी, प्रदेश प्रवक्ता, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा