भिवंडी से 40 लाख मीटर कपड़ा आता रोजाना, भिवंडी के व्यवसायियों ने नवम्बर में प्रस्तावित की है हड़ताल।
पावरलूम कपड़ा उद्योग के केन्द्र भिवंडी के व्यापारियों ने मंदी के कारण नवम्बर के पहले सप्ताह से बंद प्रस्तावित किया है। वहां से पाली की औद्योगिक इकाइयों में रोजाना 40 लाख मीटर कपड़ा आता है। वहां बंद होने पर इतना कपड़ा पाली नहीं आएगा, लेकिन पाली के उद्योग पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। पाली के व्यवसायियों के अनुसार दिवाली के दो-तीन पहले ही श्रमिक गांव चले जाते हैं, जिससे कार्य कम हो जाता है। श्रमिक दिवाली के बाद लौटेंगे। ऐसे में उस समय भिवंडी या अन्य जगहों से ग्रे कपड़ा नहीं आने से फैक्टि्रयों का संचालन प्रभावित नहीं होगा। दूसरा कारण यह है कि दिवाली को लेकर पाली में प्रोडक्शन अभी जोरों पर है। यह तैयार माल दिवाली से पहले ही बाजार में पहुंच जाएगा।
1.50 करोड़ मीटर तक बन रहा कपड़ा
पाली की करीब 850 इकाइयों में सामान्य दिनों में रोजाना 1 करोड़ मीटर कपड़े की प्रोसेसिंग होती है। दिवाली के त्योहार के कारण अभी यह प्रोसेसिंग बढ़कर करीब 1.50 करोड़ मीटर पर पहुंच गई है। जो दिवाली पर श्रमिकों के गांव जाने तक बनी रहेगी।
पाली तैयार कर चुका कपड़ा
पाली में दिवाली को लेकर कपड़ा पहले ही तैयार हो गया है। अब यदि ग्रे माल कम भी आता है तो दिवाली पर अवकाश रहने के कारण व्यवसाय पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विरेन्द्र बाहेती, उद्यमी, पाली
बंद का पहले भी नहीं पड़ा प्रभाव
भिवंड़ी में अभी बंद प्रस्तावित है। पहले बुहरानपुर व इचलकरणजी में भी ऐसी िस्थति बनी थी, लेकिन पाली पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा। इसका भी पाली पर प्रभाव नहीं के बराबर ही रहेगा।
नीलेश सेमलानी, उद्यमी
टॉपिक एक्सपर्ट
कपड़ा आने में लगते चार दिन
भिवंड़ी से आज कपड़ा मंगवाने पर पाली पहुंचने में चार से पांच दिन का समय लगता है। नवम्बर में माल मंगवाने पर उसके आने व प्रोसेस होने तक दिवाली आ जाएगी। ऐसे में वह तैयार माल दिवाली के बाद ही बाजार में पहुंच पाएगा। दिवाली से दो-तीन दिन पहले श्रमिक गांव जाते हैं। जो छठ पूजा के बाद ही लौटते हैं। उस समय फैक्टि्रयों में कार्य भी कम होता है। ऐसे में भिवंडी में यदि बंद रखा जाता है तो पाली के उद्योगों पर प्रभाव नहीं होगा।
विनय बम्ब, प्रांत महासचिव, उद्योग भारती