
रायपुर के हाइवे पर मर्ज स्कूल में संचालित कॉलेज भवन
रायपुर मारवाड़. उपखण्ड़ क्षेत्र में सरकारी कॉलेज के अभाव का 70 साल तक दंश झेलने के बाद तत्कालीन सरकार ने कॉलेज की स्वीकृति जारी की तो मौजूदा सरकार ने बजट घोषणा कर दी, लेकिन आज तक न तो बजट आया न ही टेंडर होकर कार्य शुरू हो पाया है। इससे सरकारी कॉलेज पिछले दो साल से प्राथमिक स्तर के मर्ज स्कूल भवन में संचालित किया जा रहा है। यहां न तो पर्याप्त स्टाफ है न सुविधाएं हैं। इससे नामांकन भी नहीं बढ पाया। ऐसे में क्षेत्र के छात्र-छात्रा आज भी पडोसी शहर व कस्बों के कॉलेज की दौड़ लगाने पर विवश हैं। उपखण्ड मुख्यालय पर सरकारी कॉलेज के लिए दो साल पहले तत्कालीन वसुंधरा सरकार ने स्वीकृति जारी की थी। भवन अभाव को देखते हुए कस्बे के हाइवे स्थित करणी माता प्राथमिक स्कूल के मर्ज भवन में कॉलेज संचालन शुरू कर दिया गया।
दानदाता ने दी जमीन
तत्कालीन सरकार ने कॉलेज भवन के लिए जब उपयुक्त जमीन का प्रस्ताव मांगा तब कस्बे के दानदाता करणीसिंह रायपुर ने कस्बे से सटी कपूड़ी स्थित अपनी जमीन को कॉलेज भवन निर्माण के लिए उच्च शिक्षा विभाग को दान कर दी। कागजी फेर में समय बीत गया। तत्कालीन सरकार बजट घोषणा नहीं कर पाई और कार्यकाल समाप्त हो गया।
छह करोड़ की घोषणा
राज्य की मौजूदा गहलोत सरकार ने बजट घोषणा में कॉलेज निर्माण के लिए छह करोड रुपए की राशि देने की घोषणा की, लेकिन आज तक ये बजट नहीं आया है। जिससे न तो टेंडर हो पाया है न ही निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। इससे कॉलेज आज भी उसी मर्ज स्कूल भवन में संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में इस कॉलेज में 184 का नामांकन है।
प्राचार्य से लेकर स्टाफ के पद रिक्त
इस कॉलेज में प्राचार्य का पद आज भी रिक्त ही है। व्याख्याता को प्राचार्य का चार्ज दे रखा है। संस्कृत, इकोनोमिक्स, वरिष्ठ लेखाकार, प्रयोगशाला सहायक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सहित अन्य पद रिक्त र्हैं। वर्तमान में यहां एक लेखाकार व पांच व्याख्याता ही पदस्थापित हैं। मर्ज स्कूल भवन कॉलेज संचालन के लिए अपर्याप्त है। कक्षाओं में सुविधाओं की कमी है। जिससे दूसरे साल भी नामांकन नहीं बढ़ पाया है।
ब्यावर व सोजत की दौड़
कॉलेज स्वीकृति से पहले क्षेत्र के छात्र-छात्राएं सोजत व ब्यावर के कॉलेज में अध्ययन करने जाते थे। अब दो साल हो गए यहां कॉलेज संचालित हो रहा है, लेकिन स्टाफ व सुविधाओं की कमी के चलते छात्र-छात्राओं को आज भी सोजत व ब्यावर के कॉलेज की दौड़ लगानी पड़ रही है।
नहीं मिला बजट
सरकार ने छह करोड़ के बजट की घोषणा की थी। आज तक बजट नहीं मिला। जिससे कॉलेज भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। यहां स्टाफ व सुविधा की भी कमी है। जिससे नामांकन नहीं बढ़ पाया है।
रामअवतार जाट, कार्यवाहक प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, रायपुर
Published on:
8 Jan 2020, 1:05 AM IST
बड़ी खबरें
View Allपाली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.