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योगाभ्यास से अन्तस्रावी ग्रंथियों के हार्मोन्स रहते हैं संतुलित

गेस्ट राइटर : डॉ. जयराजसिंह शेखावत, एमडी, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी

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पाली

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Suresh Hemnani

Jun 21, 2020

योगाभ्यास से अन्तस्रावी ग्रंथियों के हार्मोन्स रहते हैं संतुलित

योगाभ्यास से अन्तस्रावी ग्रंथियों के हार्मोन्स रहते हैं संतुलित

पाली। International Yoga Day 2020 : योग को स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है। इसके कई कारण है योग शरीर से रोगों से बचाता है। नियमित योगाभ्यास करने से अन्तस्रावी ग्रन्थियों के हार्मोन्स संतुलित होते हैं। कोशिकाओं, उत्तकों, व शारीरिक अंगों में एकत्रित विषाक्त तत्व हट जाते हैं। शरीर के अंगों में लचीलापन आता है। इससे मनुष्य की यौवन अवस्था स्थित रहती है और बुढ़ापा देरी आता है। मनुष्य जब तक जीवित रहता है, उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता व प्रतिरक्षा प्रणाली सुदृढ रहती है। इससे जीवन लम्बा होने के साथ निरोगी भी रहता है। बीमारियां आसानी से नहीं जकड़ पाती। योग व्यक्ति की शारीरिक क्षमता, उसकी भावनाओं तथा ऊर्जा के अनुसार कार्य करता है।

योग का पहला भाग आसन
योग का स्थूल व प्रथम भाग आसनयोग का स्थूल और प्रथम भाग आसन है। शरीर में आयास (खींचाव) जन्य क्रियाओं को आसन कहते हैं। विविध शारीरिक क्रियाओं को क्षमता के अनुसार झुकाने, मोडऩे, खींचने व स्थिर रखने के अभ्यास को योगासन कहा जाता है। योगासन कई तरह है। इनका नामकरण उनकी आकृति बनने के अनुसार किया गया है। इन योगासनों का लाभ भी अलग-अलग अंगों पर अलग-अलग तरह से पड़ता है।

योग का अर्थ समाधि
योगा का अर्थ समाधि, जोडऩा व सामंजस्य होता है। योग शरीर, मन व बुद्ध को जोड़ता है। यही कारण है कि आज पूरे विश्व को योग ने जोड़ दिया है। इसी का परिणाम 21 जून को मनाया जाने वाला अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस है। इसका उद्देश्य एक ही है स्वस्थ और आनन्ददायक तथा रोग मुक्त जीवन जीना।

योग के चार भाग
कर्म योग : शारीरिक क्रिया कलापों व गतिविधियों का उपयोग
ज्ञान योग : मन व मस्तिष्क के विचारों का उपयोग
भक्ति योग : भावना व निष्ठा का उपयोग
क्रिया योग : शरीर की ऊर्जा का उपयोग