आओं... मजबूत करें खून का रिश्ता, रक्तदान से दें जीवन का दान

-पाली के बांगड़ चिकित्सालय के ब्लड बैंक में कम हुआ रक्तदान
-वैक्सीनेशन के बाद दो माह तक नहीं कर पाएंगे रक्तदान, ऐसे में आ सकता है संकट

By: Suresh Hemnani

Published: 03 May 2021, 07:52 AM IST

-राजीव दवे
पाली। धर्मनगरी पाली व दानदाताओं की धरा पाली जिले में लोग तन, मन और धन सभी कुछ दान करने को आतुर रहते हैं। उन्होंने एक ही परिवार में भले ही जन्म नहीं लिया, लेकिन अधिकांश लोगों से खून का रिश्ता जुड़ा है। जो कि रक्तदान के माध्यम से जुड़ा है। यह रिश्ता अब कोविड की दूसरी लहर के विकराल रूप लेने के कारण कमजोर होता जा रहा है। कोविड वैक्सीनेशन के बाद इसके अधिक कमजोर होने की आशंका है। ऐसे में जरूरत है कोविड वैक्सीनेशन से पहले ही सभी एक बार रक्तदान कर दे। जिससे अस्पताल में जिंदगी की जंग लडऩे वाले किसी मरीज को खून की कमी से दम नहीं तोडऩा पड़े या रैफर नहीं करना पड़े।

हर माह आते थे 300 से अधिक यूनिट
पाली ब्लड बैंक में हर माह 300 से अधिक यूनिट रक्त का दान करने वाले आ जाते थे, लेकिन कोविड के कारण अप्रेल में महज 251 यूनिट रक्तदान हुआ है। जो रोजाना की जरूरत 30 से 35 यूनिट के मुकाबले करीब 26 यूनिट कम है। इसके विपरीत जनवरी से मार्च तक हर रोज करीब 13 यूनिट रक्तदान हुआ था।

इनको दिया जाता है बिना एक्सचेंज रक्त
थेलेसिमिया के 39 मरीजों, रक्तदान शिविर आयोजित करने वाले आयोजकों, एचआई ग्रसितों, कैंसर मरीजों, डायलिसिस कराने वालों, ट्रोमा वार्ड में आने वाले घायलों व गायनिक इमरजेंसी आदि के मरीजों को।

42 दिन तक रक्त रख सकते हैं सुरक्षित
रक्तदाता के रक्त को 42 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है। चिकित्सकों के अनुसार वैसे तो रक्त को 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तापमान पर 35 दिन तक रखा जाता है, लेकिन इसे सेगम के माध्मय से 42 दिन तक रखा जा सकता है।

एक्सपर्ट व्यू...
वैक्सीनेशन कराने वाले लोग दो माह तक कम से कम रक्तदान नहीं कर सकेंगे। ऐसे में कम से कम 18 से 50 वर्ष के लोगों को इस समय रक्तदान करना चाहिए। अभी जनअनुशासन पखवाड़ा चल रहा है। लोग घरों में अधिक रहते है। इस कारण रक्तदान कर कैलोरी को कम किया जा सकता है। रक्तदान करने से ब्रोनमेरों सक्रिय हो जाती है। इससे इम्यूनिटी भी बढ़ती है। रक्तदान से शुगर नहीं बढ़ती है। कोलेस्ट्रॉल भी नहीं बढ़ता है। हृदयघात की संभावना कम होती है। रक्तदान कराने पर एचआइवी, हेपेटाइटिस, मलेरिया, डेंगू व सिपलिस आदि टेस्ट भी मुफ्त में हो जाते है। -डॉ. मांगीलाल सीरवी, प्रभारी, ब्लड बैंक, पाली

जनवरी से अब तक इतना हुआ रक्तदान
जनवरी : 319 यूनिट
फरवरी : 423 यूनिट
मार्च : 300 यूनिट

Suresh Hemnani
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