- कूटरचित दस्तावेज से पट्टा जारी करने का आरोप
पाली/सादड़ी। पाली जिले के सादड़ी नगरपालिका क्षेत्र में निमड़ा वाली पाटी में दो मंजिला मकान का फर्जी पट्टा बनाने के आरोप में इस्तागासा के जरिए सादड़ी पालिकाध्यक्ष खुमीदेवी बावरी, अधिशासी अधिकारी नरपतसिंह राजपुरोहित, कनिष्ठ अभियंता शैलेन्द्र वर्मा, मोहित चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार निमडा पाटी सादडी निवासी फूलचंद पुत्र कुंदनमल ने इस्तागासा में आरोप लगाया कि सादडी पालिका क्षेत्र वार्ड 32 निमड़ा वाली पाटी में दो मंजिला मकान है। जिसका पट्टा 15 जनवरी 1942 को जोधपुर गर्वमेंट की ओर से कालूराम पुत्र हीराचंद महाजन 2 अप्रेल 1938 को जारी किया हुआ है। उस दो मंजिला मकान का 7 मार्च 1988 को फेमिली सेटलमेंट किया गया। इसमें आवासीय मकान व नोहरा जो निम्बडा वाली पाटी में स्थित है, यह सम्पत्ति पारसमल पुत्र कालुराम के हिस्से में आई। पारसमल व उनकी पत्नी का स्वर्गवास भी हो चुका हैं। इन दोनों के स्वर्गवास बाद यह सम्पति भावना, रीना एवं मोहित के नाम दर्ज हुई।
आरोपी मोहित चौहान पुत्र पारसमल चौहान ने सम्पूर्ण मकान पर अपना हक एवं हिस्सा होने का दावा करते हुए पालिका सादड़ी में पत्रावली का पट्टा पेश किया। हिस्से में से 2/3 हिस्सा परिवादी के पुत्र व पुत्रवधु के नाम बख्शीशसुदा हैं। इसके बावजूद भी गलत तथ्यों के आधार पर अपनी बहनों के झूठे एवं फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज बनाकर पालिका सादड़ी में पेश कर गलत तथ्यों के आधार पर पट्टा बनवा दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।