
Textile Industry: जिस बात के लिए बदनाम, उसे यह सिस्टम मिटा देगा
टेक्सटाइल नगरी पाली के प्रदूषण के दंश पर एक और बड़ा प्रहार होगा। प्रदूषण को और अधिक कम करने के लिए शहर के औद्योगिक प्रथम व द्वितीय फेज में एक नया ट्रीटमेंट प्लांट नम्बर सात बनाया जाएगा। वहीं प्लांट संख्या चार के अपग्रेडेशन के लिए स्वीकृत राशि बढ़ाई गई है, जिससे प्लांट को जेडएलडी में बदलने की प्रक्रिया तेज होगी।
सीइटीपी फाउंडेशन अध्यक्ष अनिल गुलेच्छा ने बताया गया कि सीइटीपी यूनिट संख्या 4, उपचार क्षमता 12 एमएलडी को जेडएलडी तक अपग्रेड करने के लिए अनुमानित लागत 169.50 करोड़ रुपए है। इसके लिए स्टेट लेवल अप्रुवल कमेटी ने वर्ष 2021 के नवम्बर में 43.5 करोड़ रुपएा की स्वीकृति दी थी। जो लागत की तुलना में काफी कम थी। इस पर सीइटीपी यूनिट संख्या छह का मुख्यमंत्री की ओर शिलान्यास करने पर
स्वायत शासन विभाग जयपुर अध्यक्ष केवलचन्द गुलेच्छा ने सीएम को अनुदान राशि कम होना व योजना में शर्ते अधिक होने की जानकारी दी थी। इस पर अब सीएम अशोक गहलोत की ओर से अपग्रेडेशन की नई योजना के तहत 75 करोड़ की स्वीकृति दी है।
नए प्लांट के लिए भी 75 करोड़
राज्य सरकार की ओर से सीइटीपी यूनिट संख्या 7 के निर्माण के लिए भी 75 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। यह प्लांट बनने के बाद औद्योगिक क्षेत्र प्रथम व द्वितीय की इकाइयां का पानी उसी क्षेत्र में उपचारित हो सकेगा और वापस वस्त्र उद्योग इकाइयों में उपयोग किया जा सकेगा। प्लांट संख्या सात के निर्माण के लिए प्रथम व द्वितीय फेज में 23 हजार वर्गमीटर भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है।
यह आ रही थी समस्या
वस्त्र उद्योग इकाइयों से निस्त्रावित प्रदूषित पानी कन्डयूट पाइप लाइन के माध्यम से ही सीइटीपी में लाया जाता है। वर्तमान में जेडएलडी प्लांट पुनायता औद्योगिक क्षेत्र में है। वहां से औद्योगिक क्षेत्र प्रथम व द्वितीय की दूरी 7 से 8 किमी की है। यह पानी सीइटीपी यूनिट संख्या 6 तक लाने में काफी राशि व्यय होने के साथ अन्य परेशानियां भी आती थी। अब औद्योगिक क्षेत्र फेज प्रथम एवं द्वितीय में ही सीइटीपी यूनिट संख्या 7 बनने पर पानी उपचारित करने में व्यय कम होने के साथ अन्य परेशानी भी नहीं होगी।
Published on:
27 Aug 2023 10:24 am

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