
पाली. बचत कर थोड़ी-थोड़ी राशि क्रेडिट सोसायटी में जमा करवाई थी। जैसे ही अवधि पूरी हुई क्रेडिट सोसायटी संचालक ताला लगाकर फरार हो गए। जमा राशि नहीं मिली तो हमारी दिवाली ही काली हो जाएगी। हमारे साथ ठगी करने वालों को पकड़कर हमारा जमा धन दिलवाओ। ठगी के शिकार हुए 21 निवेशक मंगलवार सुबह औद्योगिक थाने पहुंचे तथा थानाप्रभारी को आपबीती बताई। कम समय में जमा धन दुगुना करने जैसी लुभावनी स्कीम बताकर अपनी सोसायटी में निवेश करवा क्रेडिट सोसायटी द्वारा ठगने का एक और मामला सामने आया है। मथुरा (उत्तरप्रदेश) की एक क्रेडिट सोसायटी ने शहर के पांच मौखा पुलिया के निकट अपनी सोसायटी की शाखा का कार्यालय खोला। कम समय में जमा धन दुगुना करने एवं जमा राशि के बदले भूखण्ड, फ्लैट देने का लालच देकर सोसायटी संचालक ने शहर में चार-पांच वर्ष तक अपनी पैठ जमा ली। अच्छी खासी रकम एकत्रित हुई तो शाखा कार्यालय पर ताला लगाकर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार क्रेडिट सोसायटी ने चार सौ से अधिक निवेशकों की जमा राशि लेकर फरार हुए हैं। इनमें से 21 निवेश थाने पहुंचे। जिनकी सोसायटी में करीब 30 लाख रुपए जमा है।
अब मुंह छिपाते फिर रहे एजेंट
अधिकतर मामलों में एेसा होता है कि सोसायटी संचालक कई शहरों में अपनी सोसायटी की शाखाएं खोल देते हैं और स्थानीय लोगों को ब्रांच मैनेजर, एजेंट बनाकर देते है ंऔर उनके जरिए सोसायटी में स्थानीय लोगों द्वारा खुलवाए गए खाते खुलवाते हैं। चार-पांच वर्ष सोसायटी का संचालन अच्छी खासी रकम जमा कर फरार हो जाते हैं फंस जाते हैं स्थानीय एजेंट। जिनके जरिए लोग सोसायटी में रुपए निवेश करते हैं।
पूर्व में भी कई क्रेडिट सोसाटियों ने ठगा आमजन को
क्रेडिट सोसायटी संचालकों द्वारा निवेशकों को ठगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी आईडीबी क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसायटी, खेतेश्वर अरबन को ऑपरेटिव सोसायटी सहित कई अन्य क्रेडिट सोसायटी संचालकों द्वारा जमा धन पर अच्छा ब्याज देने, कम समय में राशि दुगुनी करने जैसे लालच देकर ठगा जा चुका है। जिनके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हो चुके हैं।
कई चक्कर लगाए लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा
17 जनवरी 2011 को क्रेडिट सोसायटी में 60 हजार रुपए जमा करवाए थे। 17 जनवरी 2016 को 88 हजार रुपए मिलने थे लेकिन सोसायटी संचालक ताला लगाकर चले गए। - प्रतापसिंह राजपूत, सुभाष नगर बी
मेरे तो नौ लाख रुपए डूब गए
सोसायटी में करीब साढ़े चार लाख रुपए जमा करवाए थे। सितम्बर 2015 मेंअवधि पूरी हो गई थी। सोसायटी रुपए लेने पहुंची तो कहा कि कुछ दिनों तक चक्कर लगवाते रहे। आखिरकार ताला लगाकर फरार हो गए। - छोटू कंवर, राजेन्द्र नगर
हमारी तो दिवाली काली हो गई
पत्नी के नाम सोसायटी में रुपए जमा करवाए थे। मार्च 2016 को जमा धन की अवधि पूरी हो गई थी। रुपए लेने के लिए सोसायटी कार्यालय गया लेकिन कुछ दिनों में देने का कहा लेकिन कुछ ही दिन बाद कार्यालय पर ताला लगाकर फरार हो गए। - करण सिंह, रावत नगर
अब तो मूल धन मिल जाए तो भी अच्छा
महंगाई के इस जमाने में कुछ बचत हो जाएगी। यह सोच कर सोयायटी में करीब दो लाख रुपए निवेश किए थे। दिसम्बर 2015 को अवधि पूर्ण हो गई थी लेकिन अभी तक जमा धन ब्याज सहित नहीं मिला। - सीतादेवी राजेन्द्र नगर
इन्होंने कहा.....
कुछ लोग शिकायत लेकर थाने आए थे। उन्हें मूल दस्तावेजों के साथ आने को कहा है। जिससे की उन्हें देखने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
- बंशीलाल वैष्णव, औद्योगिक थानाप्रभारी
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