
सांकेतिक फोटो
Digital arrest of foreign woman : पिछले दो दशक से साध्वी बन कर विभिन्न आश्रमों में रह रही क्रोएशिया की एक महिला साइबर ठगों का शिकार बन गई। ठगों ने उसके मोबाइल नंबर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के नाम पर उसे धमका कर 11. 80 लाख रुपए ठग लिए। महिला को दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर डराया। करीब सवा माह पुरानी इस घटना का अब पाली साइबर थाने में मामला दर्ज कराया हैं। साइबर थाने के सीओ मनीष चारण ने बताया कि डबोरकामैरिन उर्फ मंगलपुरी निवासी क्रोएशिया हाल विश्व गुरुद्वीप आश्रम, श्याम नगर जयपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। जिसमें बताया कि वह जयपुर आश्रम में रह रही थी। इस दौरान 4 जनवरी की शाम उसके पास कॉल आया। फोन करने वाले ने कहा कि उसका मोबाइल नंबर आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। इस कारण उसका मोबाइल जल्द बंद कर दिया जाएगा। उसे तत्काल मुंबई के अंधेरी ईस्ट थाने में बात करने को कहा। कुछ समय बाद अंधेरी ईस्ट थाने में फोन कनेक्ट करने का कहते हुए प्रदीप नाम के व्यक्ति से बात कराई। प्रदीप ने स्वयं को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि नरेश नाम के व्यक्ति ने उनके नाम से बैंक अकाउंट खोलकर मनी लॉन्ड्रिंग का काम किया है। तत्पश्चात कैमरा ऑन करा कराया।
इस धमकी से वह डर गई। ठगों ने केस से नाम हटाने के बदले लाखों रुपए की डिमांड की। इस पर वह राजी हो गई। 7 जनवरी को ठगों के बताए अकाउंट में पाली आकर उसने बैंक से 11.80 लाख का चैक उनके बताए अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया।
ठगों ने विदेशी महिला से कहा कि उसका मामला कोर्ट में आएगा और 22 जनवरी तक उसे रिलीफ मिल जाएगा। इसके कई दिन बाद तक काल नहीं आया। उसने संबंधित नंबरों पर कॉल किया तो बंद पाए गए। अंधेरी ईस्ट थाने के लैंडलाइन नंबर पर पता किया तो जानकारी मिली कि यहां प्रदीप नाम का कोई पुलिस अधिकारी नहीं है। इस पर उसे अंदेशा हुआ। वह सीधे पाली साइबर थाने पहुंची और मामला दर्ज कराया।
Updated on:
17 Feb 2025 03:37 pm
Published on:
17 Feb 2025 03:16 pm
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