
अब रणकपुर के निकट मोडिय़ा मगरी में टाइगर के लिए बनेगा एनक्लोजर, ढाई करोड़ रुपए होंगे खर्च
पाली/उदयपुर। Enclosure will be made for Tiger : कुंभलगढ़ वन्य जीव अभयारण्य [ Kumbhalgarh Wildlife Sanctuary ] को बाघ संरक्षित क्षेत्र घोषित करने से पहले वन विभाग [ forest department ] ने इसकी पूर्व तैयारियां शुरू कर दी है। पूर्व में कुंभलगढ़ दुर्ग [ Kumbhalgarh Fort ] के पीछे महुड़ी खेत में टाइगर के लिए एनक्लोजर बनाना प्रस्तावित था, जिसे निरस्त कर दिया गया है। अब रणकपुर [ ranakpur ] के निकट मोडिय़ा मगरी [ Modiya Magri ] में 211 हैक्टेयर भूमि में बनाए जाने के प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है। इस पर करीब ढाई करोड़ रूपए खर्च होंगे।
राज्य के मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक अरिंदम तोमर ने कुंभलगढ़ अभयारण्य का दौरा कर एनक्लोजर के लिए जगह देखी थी। इस दौरान महुड़ी खेत वाली जगह को टाइगर के लिए मुफीद नहीं मानते हुए निरस्त कर मोडिय़ा मगरी में एनक्लोजर बनाने को प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। वन विभाग ने नया प्रस्ताव बनाकर जयपुर भिजवा दिया है। सादड़ी-रणकपुर मार्ग के निकट करीब 211 हैक्टेयर भूमि में यह एनक्लोजर बनाया जाएगा। सादड़ी रेंज के सहायक वन संरक्षक यादवेंद्रङ्क्षसह चूण्डावत ने बताया कि कुंभलगढ़ वन्य जीव अभयारण्य को बाघ संरक्षित क्षेत्र घोषित करने से पहले टाइगर के लिए एनक्लोजर बनाना जरूरी होता है।
इसी कड़ी में विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि संभवत: फरवरी माह में एनक्लोजर बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि टाइगर लाने से पहले इस एनक्लोजर में हिरण, चीतल, सांभर व अन्य शाकाहारी जीवों को छोड़ा जाएगा। जब कुंभलगढ़ वन्य जीव अभयारण्य को बाघ संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया जाएगा तब तक इस एनक्लोजर में टाइगर के लिए भोजन के रूप में शाकाहारी जीवों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
Published on:
03 Jan 2020 06:24 pm

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