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तस्कर कर रहे फायर, पुलिस फटकार रही डंडा

हथियारबंद तस्करों का डंडे से सामना करने को मजबूर पुलिस, जिले में बढ़ रही फायरिंग की घटनाएं, - पांच से सात हजार में मिल रहे हथियार

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Increasing incidents of firing in the district

तस्कर कर रहे फायर, पुलिस फटकार रही डंडा

पाली . डोडा-पोस्त के साथ ही शराब की तस्करी में लिप्त बदमाश अब खुलेआम फायर कर नाकाबंदी तोडकऱ निकल रहे हैं, लेकिन जिले की पुलिस के पास उनसे मुकाबले के लिए सिवाय डंडों के अलावा कुछ नहीं है। ऐसे में अधिकांशत: तो तस्कर पुलिस को चमका देकर फरार हो जाते हैं। लेकिन, कुछेक बार वे पुलिस के हत्थे भी चढ़ जाते हैं। पिछले कुछ दिनों की घटनाएं तो इसकी ओर ही इंगित कर रही है। दरअसल, पाली पुलिस के पास 1941 से लेकर 2009 तक के दस तरह के हथियार है। इन्हें चलाने के लिए दक्ष पुलिसकर्मी भी है, लेकिन गश्त के दौरान व हाइवे पर नाकाबंदी के दौरान ये जवान डंडा थामे ही नजर आते हैं। इसी का नतीजा है कि जिले में फायरिंग की घटनाएं बढ़ रही है। गत वर्ष भी तस्कर की पिस्टल से निकली गोली से सदर थाने का एक कांस्टेबल घायल हो गया था। मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले बदमाश जिले से होकर गुजरते है। इसका मुख्य कारण बड़ी संख्या में शराब की गुजरात में अवैध रूप से तस्करी होना है। वहीं डोडा-पोस्त, अफीम भी मध्यप्रदेश से लेकर पाली के रास्ते ही अन्य जगहों पर सप्लाई की जाती है। इस दौरान पुलिस से बचने के लिए बदमाश हथियार भी रखने लगे हैं। कई बार नाकाबंदी होने पर वे हवाई फायर कर पुलिस से पीछा छुड़ाकर फरार हो जाते हैं। इस सप्ताह ही रायपुर थाना क्षेत्र में फायरिंग की दो घटनाएं हो चुकी हैं।

पांच से दस हजार में मिल रहे हथियार

जिले में अवैध रूप से मध्यप्रदेश क्षेत्र से हथियार पहुंच रहे है। महज पांच से दस हजार रुपए में देशी कट्टा व पिस्टल मिल जाती है। तस्कर इनके बड़े ग्राहक है। पाली में पूर्व में भी अवैध हथियार पकड़े जा चुके है। इनके तार मध्यप्रदेश क्षेत्र से जुड़े होने की बात सामने आने पर पुलिस ने इस गैंग से जुड़े छह से अधिक बदमाशों को पकड़ा था।

जिले में चर्चित फायरिंग कांड
13 जनवरी 2018 - चेन्नई से लाखों रुपए के सोने के आभूषण चोरी करने के मामले में फरार चल रहे नाथूराम जाट (पिडेल) को पाली पुलिस ने गुजरात के राजकोट के निकट गिरफ्तार किया था। आरोपी पुलिस पर फायर कर भागा लेकिन करीब 15 किलोमीटर तक पीछा कर पुलिस ने उसे पकड़ा था।

21 जुलाई 2018 - डोडा पोस्त के बोरों से लदी दो लग्जरी गाडिय़ों में सवार तस्कर शनिवार रात जैतारण थाना पुलिस के साथ ही बर व निमाज चौकी की पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पुलिस ने बर, जैतारण में नाकाबंदी कर रखी थी। तस्कर हवाई फायर कर फरार हो गए।

17 जुलाई 2018 - बर चौराहे पर चार दिन पहले डोडा पोस्त की खेप लेने जा रहे तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग की, गनीमत रही कि किसी को गोली नहीं लगी। बाद में पुलिस ने पीछाकर तीन बदमाशों को जंगल से पकड़ लिया तथा उनके कब्जे से चार हथियार व जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे।

अप्रेल 2016 - रोहट के मांडावास गांव निवासी कुख्यात डोडा पोस्त तस्कर हड़मानराम विश्नोई डोडा-पोस्त की सप्लाई लेने अपनी प्रेमिका के साथ जा रहा था। सादड़ी थाना पुलिस ने बिलिया-शिवतलाव में उसकी घेराबंदी की तो अपनी प्रेमिका व एक साथी को गाड़ी सहित छोड़ पुलिस पर हवाई फायर करते हुए फरार हो गया था।

27 अगस्त 2016 - निकटवर्ती मंडली गांव में रंजिश के चलते फायरिंग हुई थी। जिसमें गोली लगने से वीर बहादुरसिंह गंभीर घायल हो गए थे। इनकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने दस से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

20 जनवरी 2017 - 20-21 जनवरी 2017 को पुलिस ने कुख्यात तस्कर हड़मानराम विश्नोई सहित पांच जनों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जेे से बड़ी मात्रा में डोडा-पोस्त, अफीम, फर्जी नम्बर प्लेट, जिंदा कारतूस व तीन गाडिय़ा बरामद की थी। आरोपी ने रानी के विद्यावाड़ी के निकट पुलिस पर फायर कर भागने का प्रयास किया था। गोली सदर थाने के कांस्टेबल के पैर में गोली लग गई थी।

9 दिसम्बर 2014 - सोमनाथ से भैरूघाट की तरफ जाने वाले मार्ग पर बदमाशों ने दीपक सोनी के पास से गहनों का बैग छीनने का प्रयास किया। दीपक ने बैग नहीं छोड़ा, तो बदमाशों ने गोली चला दी। जिससे दीपक सोनी की मौत हो गई। हंगामे की आवाज सुन ऋषिपाल सिंह व कुलदीप सिंह कुम्पावत उसे बचाने आए। बदमाशों की बाइक के पीछे भागे तो बदमाशों ने गोली चला दी। इससे दोनों घायल हो गए।