
लाखोटिया तालाब के पानी में खड़े होकर उगते सूर्य का दर्शन करते श्रद्धालु।
पाली शहर में लाखोटिया तालाब के बिहारी घाट पर सोमवार सुबह सर्द मौसम में श्रद्धालुओं ने पानी में खड़े होकर घंटों तक भगवान सूर्य व छठी मइया की आराधना की। घाट पर पूजन की टोकरी व प्रसाद लेकर सुबह छह बजे से ही श्रद्धालु व व्रती दण्डवत व नंगे पांव घाट पर पहुंचे। वहां पहले सर्दी के बावजूद जल में स्नान किया और फिर गीले वस्त्रों में ही दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोस्तुते... मंत्र का जाप करते हुए भगवान सूर्य व छठी मइया को नमन किया। पानी में खड़े होकर सूर्योदय का इंतजार किया।
जैसे ही भगवान सूर्य नारायण क्षितिज पर आए, व्रतियों ने अर्घ्य देकर उन्हें ठेकुआ सहित अन्य सामग्री का भोग चढ़ाया। भगवान से संतान की खुशी और पारिवारिक सुख-समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही सबसे कठिन माने जाने वाले 36 घंटे व्रत का समापन हुआ। व्रतियाें ने गुड़ व अदरक खाकर व्रत का पारणा किया। बिहार संस्कृति सेवा समिति की ओर से व्रतियों के साथ घाट पर आए श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में शिकंजी का वितरण किया गया।
ठेकुआ, केले का प्रसाद बांटा
व्रती महिलाओं ने नाक से भाल तक सिंदूर का तिलक लगाया। यह तिलक घाट पर आने वाले हर महिला ने लगाया। व्रत के समापन के बाद श्रद्धालुओं ने ठेकुआ, केला एवं अन्य मौसमी फलों के प्रसाद वितरण किया। व्रतियों ने तो परिचितों व मित्रों के घर-घर जाकर प्रसाद बांटा। बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया।
घाट की सफाई की
पूजन के कारण घाट पर फलों के साथ अन्य सामग्री के छिलके आदि गिर गए। समिति के सदस्यों ने स्वच्छता का संदेश देते हुए पूजन के तुरन्त बाद घाटों की सफाई की। घाटों पर एकत्रित कचरा भी कचरा पात्रों में डाला।
पूजन में इन्होंने किया सहयोग
महाछठ पूजा के व्रत में समिति अध्यक्ष अनिलसिंह, सचिव एके घोष, सह सचिव बिरजा यादव, कोषाध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष कृष्णा सिंह, प्रभंजन मिश्रा, पंकज कुमार, नितेश कुमार, जितेन्द्र पाण्डेय, विकास कुमार, प्रिंस कुमार आदि ने सहयोग किया।
Published on:
20 Nov 2023 08:11 pm

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