
पाली शहर में चाय की दूकान पर लगी युवाओं की भीड़।
International tea day: पाली. शायद ही कोई घर ऐसा हो जहां दिन की शुरुआत चाय से न होती हो. फिर भले ही वो दूध वाली चाय हो, ब्लैक टी हो, ग्रीन टी हो या फिर कोई और चाय ही क्यों न हो. वैसे बहुत लोग चाय के शौकीन होते ही हैं। आज के दिन यानी 21 मई को विश्व भर में इंटरनेशनल टी डे मनाया जा रहा हैं। बता दें कि पहले चाय दिवस 15 दिसंबर को मनाया जाता था, जिसको बाद में 21 मई को मनाया जाने लगा।
चाय के लिए लोगों की दीवानगी किसी से छुपी नहीं हैं। सुबह की नींद से जगाने से लेकर मेहमान नवाजी करने तक सारा भार चाय के कंधे पर हैं। चाय को हम मेडिसिन का दर्जा दे, तो शायद गलत नहीं होगा। क्योंकि हमारे घरों में सर्दी-जुकाम जैसी कई बीमारियों की पहली दवा चाय ही हैं।
शुगर फ्री से चॉकलेट टी तक
पाली में चाय भी अब अलग अलग फ्लैवर की मिलने लगी है। पहले जहां साधारण चाय मिलती थी। अब नागौरी, जालोरी, तंदूरी, कुल्हड, ब्लैक टी, लेमन टी, गुड़ की चाय, शुगर फ्री, चॉकलेट टी, ग्रीन टी, तुलसी टी आदि के साथ चाय भी लोगों के मुंह लगी हई है। गुड़ की चाय अब युवाओं की पहली पसंद है।
हजारों लोगों की अजीविका का साधन
चाय के दीवानें लोग हर गली पर चाय के प्याले की तलाश करते हैं, तो गलियों में चाय बेचने वाले लोगों की अजीविका इन्ही से चलती हैं। चाय से अपको कई तरह के फायदे मिलते हैं। वही कई लोगों को रोजगार भी। चाय का उत्पादन और उसका व्यापार बहुत से लोगों की आय का साधन है।
Published on:
21 May 2023 09:01 pm
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