बांगड़ मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में जगह-जगह गंदगी पसरी है। सीवरेज व नालों के हौदियों तक की सफाई नहीं हो रही। अस्पताल का एक दिन पहले अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन चन्द्रभानसिंह भाटी ने निरीक्षण किया था। उन्होंने अस्पताल में परिसर में फैली गंदगी और पान-गुटखे की पीक पर नाराजगी जताते हुए सफाई कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी थी, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। अस्पताल परिसर में गुरुवार को भी वैसे ही हालात रहे, जैसे निरीक्षण के दौरान थे।
ट्रोमा सेंटर में महिला शौचालय का टूटा दरवाजा
अस्पताल के आपातकालीन सेवा और ट्रोमा सेंटर में लम्बे समय से शौचालय बदहाल है। महिला शौचालय का दरवाजा तक टूटा है। पुरुष व महिला शौचालय में बदबू से घुसना तक मुश्किल है। उसमें कोई सुधार नहीं किया है।
दीवारों का रंग तक बदला
अस्पताल परिसर में दीवारों पर पीक थूकने के कारण उनका रंग बदल गया है। अस्पताल अधीक्षक कक्ष के पास ही प्रथम तल पर जा रहे रैंप से ऊपर चढ़ते ही दीवार पर पीक थूकी मिली। वहां किसी ने पानी गिराने के साथ फलों के छिलके व गुठलियां डाल रखी थी।
कई जगह पर उगी झाडि़यां
अस्पताल में सीवरेज लाइन से पानी निकासी नहीं होने से वाडोZं के पीछे गंदा पानी पड़ा था। जिससे बदबू आती है। अस्पताल परिसर में कई दीवारों व छज्जों पर ही झाडि़यां उगी है। जो हादसे का सबब बन सकती है। कई जगहों पर झाडि़यां व पेड़ उग गए है।
सफाई कर्मचारियों को किया पाबंद
अस्पताल में सफाई कर्मचारियों को बेहतर सफाई करने के लिए पाबंद किया है। ट्रोमा सेंटर की सीवरेज लाइन साफ करवाई थी, उसके बावजूद कुछ कमियां है तो उनको ठीक करवाया जाएगा।
डॉ. पीसी व्यास, अधीक्षक, बांगड़ चिकित्सालय, पाली