-ताजिकिस्तान की राजधानी दुशाम्बे के एवीसेना ताजीक स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में भारत के 1200 विद्यार्थी एमबीबीएस की कर रहे हैं पढाई
पाली/सुमेरपुर। दुनिया भर के देशों में लागू किए गए लॉकडाउन [ Lockdown ] के बीच देश के विभिन्न प्रदेशों के हजारों मेडिकल विद्यार्थी ताजिकिस्तान [ Medical student Tajikistan ] में फंस गए हैं। अभी तक भारत सरकार [ Indian government ] की ओर से कोई पहल नहीं करने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई हैं। अकेले पाली जिले के कई विद्यार्थी फंसे हुए हैं।
ताजिकिस्तान की राजधानी दुशाम्बे स्थित एवीसेना ताजीक स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में भारत के विभिन्न प्रदेशों के 1200 विद्यार्थी एमबीबीएस की पढाई कर रहे हैं। इसमें पाली जिले के दर्जनों विद्यार्थी भी शामिल हैं। सुमेरपुर में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात जिले के बर निवासी ओमप्रकाश सोलंकी ने बताया कि उनका बेटा हेमंत सोलंकी भी वहां एमबीबीएसम के चतुर्थ वर्ष की पढाई कर रहा हैं। लॉकडाउन के बाद वहां स्थिति गंभीर हो चुकी है। वायरस का खतरा बढने के साथ ही मेडिकल सुविधा भी नगण्य है। भारतीय छात्र डरे सहमे हैं। मानसिक अवसाद की स्थिति तक पहुंच चुके हैं। इस सम्बंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजकर फंसे भारतीय छात्रों को शीघ्र भारत लाने के लिए विशेष विमान की स्वीकृति जारी करवाने की मांग की है।
राजस्थान के 828 विद्यार्थी फंसे
तहसीलदार के अनुसार मेडिकल की पढाई के लिए ताजिकिस्तान गए राजस्थान के 828 विद्यार्थी भी फंस गए हैं। जानकारी के अनुसार देशभर के 1287 विद्यार्थी वतन लौटने का इंतजार कर रहे हैं। एक-एक पल निकालना मुश्किल हो रहा हैं। इसमें आन्ध्रप्रदेश के 2, बिहार के 5, छत्तीसगढ़ के 18, दिल्ली के 21, गुजरात के 2, हरियाणा के 40, हैदराबाद का 1, जम्मू-कश्मीर के 3, झारखंड का 1, कर्नाटक का 2, केरल के 286, मध्यप्रदेश के 19, महाराष्ट्र के 16, राजस्थान के 828, तमिलनाडू के 22, उत्तरप्रदेश के 19 व पश्चिम बंगाल का 1 विद्यार्थी हैं।