
पाली के लाखोटिया तालाब सिरेघाट क्षेत्र का पानी खाली करने के लिए नगर परिषद की ओर से लगाए गए मड पम्प।
लाखोटिया उद्यान में विराजमान बाबा लाखोटिया महादेव के दरबार में श्रावण के अंतिम सोमवार को मेला भरेगा। वहां आने के भैरूघाट से दो मार्ग है, जिनमें से एक भैरूजी मंदिर के आगे से है। जिस पर बिपरजॉय तूफान व मानसून की बरसात से तालाब भरने पर पानी आ गया है। यह पानी भरने का बड़ा कारण नगर परिषद की ओर से रामनगर के पुराने घाट पर मिट्टी डालकर बनाई पाल है। उसे हटाने पर यह पानी कम हो सकता था, लेकिन नगर परिषद ने दूसरा रास्ता अपनाया। उसने तालाब के इस पानी को खाली करने के लिए भैरूजी मंदिर पर मड पम्प लगाए है। उनसे पानी पाइपों के माध्यम से सिटी टैंक में डाला जा रहा है। शहरवासियों की माने तो यह वैसा ही है जैसे गागर से सागर खाली करना हो। पम्प भी पिछले 36 घंटे से चल रहे है, लेकिन पानी अभी तक भैरूजी मंदिर के आगे से उतरा नहीं है।
इस तरह पानी खाली नहीं हो सकता
लाखोटिया में रोजाना दर्शन के लिए आने वाले बाबूलाल बोराणा का कहना है कि सिरेघाट वाला तालाब नया हाउसिंग बोर्ड तक जाता है। इसके बीच रामनगर के घाट पर अवैध पाल के कारण सिरे घाट की तरफ पानी का भराव अधिक है। उस पाल को तोड़ दिया जाता तो पानी भैरूजी मंदिर से अपने आप ही उतर जाता। नगर परिषद ऐसा करने के बजाय पम्प लगाकर पानी निकालना चाह रही है, जिससे इतना पानी खाली होकर मार्ग शुरू होने को लेकर असमंजस है।
शहरवासियों को पिलाएंगे गंदा पानी
पार्षद जय जसवानी का कहना है कि सिरेघाट की तरफ के पानी का उपयोग नहीं किया जाता है। उसी लम्बे से पड़े गंदे पानी में बिपरजॉय तूफान व मानसून की बरसात का पानी शामिल हुआ। इस क्षेत्र की सफाई भी नहीं होती है। अब उसी पानी को सिटी टैंक में मड पम्पों से डाला जा रहा है। सिटी टैंक के पानी से जलदाय विभाग शहर में जलापूर्ति भी करता है। मड पम्पों से तो तालाब भी खाली नहीं हो सकता।
Published on:
27 Aug 2023 11:09 am
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