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अगर आपको मारवाड़ जाना है तो खुद का वाहन लाना होगा

- 48 में से 33 ग्राम पंचायत मुख्यालय पर नहीं सरकारी बस सुविधा [ No government bus facility ] - ग्रामीण परेशान

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पाली

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Suresh Hemnani

Jan 10, 2020

अगर आपको मारवाड़ जाना है तो खुद का वाहन लाना होगा

अगर आपको मारवाड़ जाना है तो खुद का वाहन लाना होगा

पाली/मारवाड़ जंक्शन। शीर्षक पढकऱ अटपटा अवश्य लगा होगा लेकिन ये सत्य है। जिले की सबसे बड़ी पंचायत समिति में आज भी आधे से अधिक ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां आज तक सरकारी बस सुविधा तक नहीं [ No government bus facility ] है। सरकारें आती हैं और चली जाती है, लेकिन ग्रामीणों को यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की कोई प्रभावी योजना आज तक नहीं बनाई गई है। इसी का परिणाम है कि मारवाड़ जंक्शन [ Marwar Junction ] उपखण्ड क्षेत्र मे कई ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर रोडवेज बस [ Roadways bus ] नहीं जाती। ग्रामीणों को मुंह मांगा किराया देकर निजी बसों [ Private bus ] में यात्रा करनी पड़ती है। रोडवेज बस शुरू करने को लेकर कई गांवों के ग्रामीणों द्वारा मांग की गई परन्तु इसके बावजूद उन ग्राम पंचायतों को रोडवेज सुविधा से जोडऩे को लेकर अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।

यहां नहीं जाती बसें
उपखण्ड क्षेत्र पंचायत समिति क्षेत्र में 48 ग्राम पंचायते हैं। जिसमें 160 रेवन्यु गांव हैं। ऐसे में इन 48 ग्राम पंचायतों में से 33 ग्राम पंचायत मुख्यालय सहित इनके गांव आज भी रोडवेज सुविधा से वंचित हैं। ऐसे में आऊवा, बांता, बासनी जोजावर, बाड़सा, भिंवालिया, बिठौड़ा कला, बोरीमादा, बोरनडी, चौकडिय़ा, चवाडिय़ा, चिरपटीया, देवली, धामली, धनला, दूदौड़, गुड़ा केसङ्क्षसह, गुड़ा रामङ्क्षसह, गुड़ा सूरङ्क्षसह, हेमलियावास खुर्द, हिंगोला खुर्द, ईसाली, जाणुन्दा, ङ्क्षझझार्डी, जोजावर, कराड़ी, खारची, निम्बली मांडा, पांचेटिया, रडावास, सारण, सेहवाज, सिनला, बासौर ग्राम पंचायत आज तक रोडवेज सुविधा से वंचित है।

यहां न निजी आती न रोडवेज
पंचायत समिति क्षेत्र की बिठौड़ा कलां, चौकडिय़ा, चवाडिय़ा, गुड़ा सूरङ्क्षसह, हिंगोला खुर्द, इसाली, जाणुन्दा, झिंझार्डी, कराड़ी, खारची, निम्बली माण्डा, सिनला, बसौर ग्राम पंचायत मुख्यालय ऐसे हैं जहां पर ना तो रोडवेज आती है और ना ही कोई निजी बस। जिसके कारण ग्रमीणों के मजबूरन किराए का वाहन करके आना-जाना पड़ता है ।

फिर सरकार से आस
ग्रामीणों की इस समस्या के समाधान के लिए पिछली गहलोत सरकार के समय पीपीपी योजना शुरू की गई थी। जिसके तहत रोडवेज बस सेवा से महरूम ग्राम पंचायतों को रोडवेज बस सुविधा से जोडऩे के लिए निजी बस संचालकों को तय मापदंड के तहत राशि अदा कर ग्रामीण रूट पर संचालित करने का प्लान बनाया था। इसके तहत निजी बस संचालकों से आवेदन भी मांगे गए, लेकिन उन्होंने इस योजना में रूचि नहीं दिखाई। इस योजना को फिर से जीवनदान देकर रोडवेज सुविधा से वंचित गांवों को सुविधा से जोडऩे के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।

इन्होने कहा...
क्षेत्र की काफी सडक़ें क्षतिग्रस्त हैं। जिनकी मरम्मत व नवीनीकरण करवाने के बाद वंचित गांवों मे रोडवेज सुविधा चालू करवाने के लिए सरकार से मांग कर रोडवेज सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। जहां निजी बसें नहीं जाती वहां भी निजी बसों की सुविधा की जाएगी। -खुशवीरसिंह, विधायक, मारवाड़ जंक्शन