
पाली. सोशल मीडिया पर फैलाई गई कई बातों के आधार पर जिले में बंद का असर काफी हल्का रहा। पाली जिला मुख्यालय पर व्यापारियों ने इस बंद का समर्थन नहीं किया। पुलिस हर मोड पर एहतियात के तौर पर मौजूद रही। जिले में कुछ कस्बे और शहरों में जरूर व्यापार प्रभावित हुआ।
पाली शहर में शांति बनाए रखने और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध पहले से ही प्रशासन ने कमर कस ली थी। प्रशासन ने सभी संगठनों से फीडबैक लिया था। इसमें स्पष्ट हुआ कि कोई भी बंद का समर्थन नहीं कर रहा है। ऐसे में पाली में शांतिपूर्ण माहौल रहा। पुलिस प्रशासन को ऐहतियात के तौर पर सभी प्रमुख मार्ग और चौराहों पर लगाया गया था। जिले के आनन्दपुर कालू और निमाज कस्बे में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखी।
टेवाली में दुकानें रही बंद
टेवाली गांव में मंगलवार को प्रस्तावित भारत बंद को लेकर अधिकतर दुकानें बंद रही।
रोहट. भारत बंद का असर कस्बे में देखने को नहीं मिला। बाजार पूरी तरह से खुला रहा। हालांकि बंद को लेकर पुलिस व प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी।
पुलिस ने किया मार्च
सोमेसर. सोशल मीडिया पर भारत बंद के संदेशों के बाद कुछ लोगों ने कस्बे को बन्द कराने का प्रयास किया। कई दुकानें बंद कराने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दुकानों को खुलवाने का प्रयास किया। बंद की सूचना पर रानी तहसीलदार जगदीशसिंह आशिया, रानी थाना प्रभारी दीपसिंह भाटी व नाडोल चौकी प्रभारी कमलसिंह पुलिस जाप्ते के साथ पहुंचे। पुलिस ने मुख्य बाजार में मार्च किया।
निमाज. कस्बे में बाजार मंगलवार को बंद रहे। सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से चल रहे भारत बंद का असर देखने को मिला। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योतिस्वरूप शर्मा, चौकी इंचार्ज एएसआई राजेन्द्रसिंह देवडा के नेतृत्व में पुलिस ने रूट मार्च किया। कस्बे में अतिरिक्त जाप्ता तैनात रहा।
Published on:
11 Apr 2018, 2:45 PM IST
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