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-जिला कलक्टर की अध्यक्षता वाली समिति को दिए हैं अधिकार
पाली। सरकारी स्कूल में अब सप्ताह में एक दिन पोषाहार का मीनू विद्यार्थी तय करेंगे। जो विद्यार्थी बताएंगे, उस दिन वही भोजन पकाकर परोसा जाएगा। इसे लेकर आयुक्त मिड-डे-मील की ओर से जिला कलक्टर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने के निर्देश दिए गए है। इस समिति को मिड-डे-मील के मीनू में परिवर्तन की शक्तियां प्रदान की गई है। हालांकि जिले में अभी तक इस समिति का गठन नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार समिति मीनू तैयार करते समय उसमें स्वरुचि भोज शब्द जोड़ेगी। इससे बच्चों की इच्छा के अनुसार एक दिन भोजन पकाया जा सकेगा।
अब तक नहीं थी छूट
पोषाहार में जो मीनू तय किया गया था। उसमें अभी तक किसी तरह का परिर्वतन स्कूल स्तर पर नहीं किया जा सकता था। हालांकि, कई बार बच्चे भोजन में अन्य व्यंजनों की मांग करते थे। इसके बावजूद अध्यापक उनको मीनू के अनुसार ही खाना परोसते थे। अब सप्ताह में कम से कम एक दिन बच्चों की इच्छा के अनुसार उनकी मनपसंद भोजन सामग्री तैयार करवाई जा सकेगी।
दरों का किया निर्धारण
जिले के साथ राज्य में कई जगह पर पोषाहार पकाने के लिए किसी संस्था या फर्म को अधिकृत किया गया है। जो स्कूलों तक पोषाहार पकाकर पहुंचाती है। पोषाहार परिवहन के लिए पीडीएस की दरों को तय किया गया है। इसके तहत अधिकतम दर 150 रुपए प्रति क्विंटल तय की गई है। यह दर एक अप्रेल से लागू भी कर दी गई है।
जिले में 1812 स्कूल
जिले में अभी 1812 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पोषाहार पकाया जाता है। इनमें से 35 मदरसे है। जहां पोषाहार पकाया जाता है। इन सभी में समिति का गठन होने के बाद पोषाहार पकाने की नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
अभी यह दिया जा रहा पोषाहार में
सोमवार को : रोटी-सब्जी
मंगलवार को : सब्जी या दाल-चावल
बुधवार को : रोटी-दाल
गुरुवार को : खिचड़ी
शुक्रवार को : रोटी-दाल
शनिवार को : रोटी-सब्जी
समिति का करेंगे गठन
लोकसभा चुनाव के बाद समिति का गठन किया जाएगा। इसके बाद स्कूलों में एक दिन बच्चों की इच्छा और पसंद के अनुसार पोषाहार पकाना तय किया जाएगा। - जगदीशचन्द्र राठौड़, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यालय, पाली