दरअसल, जापान सरकार की ओर से भारत के वन क्षेत्रों में चलाए जा रहे प्रोजेक्ट जाइका 2 के तहत 5 करोड़ से अधिक की राशि जिले में 80 एनिकट निर्माण के लिए मिली। वन विभाग को निर्माण करवाने से पहले जल संसाधन विभाग को स्वीकृति लेनी होगी। 2 मीटर तक की ऊंचाई के एनिकट निर्माण को वैधता प्राप्त है, इसके बावजूद यह स्वीकृतियां विभाग में अटकी हैं। एेसे में वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर करोड़ों रुपए का यह बजट लैप्स हो सकता है। एक बार बजट लैप्स होने पर अप्रेल से जुलाई के बीच गर्मी के मौसम में वन्यजीवों के लिए पानी का संकट हो सकता है।