8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मातृशक्ति : आस्था-श्रद्धा-ममता की प्रतिमूर्ति है तो दुर्गा-सरस्वती व लक्ष्मी का अवतार भी

पत्रिका गेस्ट राइटर : आशा पंकज मूंदड़ा

2 min read
Google source verification

पाली

image

Suresh Hemnani

Mar 09, 2022

मातृशक्ति : आस्था-श्रद्धा-ममता की प्रतिमूर्ति है तो दुर्गा-सरस्वती व लक्ष्मी का अवतार भी

पत्रिका गेस्ट राइटर : आशा पंकज मूंदड़ा

ईश्वर की सूरत जिंदगी
जिंदगी की सूरत प्यार
प्यार की सूरत विश्वास
विश्वास की सूरत नारी।।

पाली। नारी, जो इस जगत का सार, जीवन का आधार, सृष्टि का पावन उपहार और प्रीत का मल्हार है। वह आस्था-श्रद्धा-ममता की प्रतिमूर्ति है। ऐसी नारी, जो साक्षात दुर्गा-सरस्वती व लक्ष्मी का अवतार है। जो सुख की आत्मिक अनुभूति और दुख में परित्राण है। जो संकटों का हल व मुश्किल दौर में बलशाली संबल है, उस नारी शक्ति को कोटिश: नमन-वंदन!

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस [ International Women's Day 2022 ] जो कि 8 मार्च को प्रतिवर्ष बड़ी ही भव्यता के साथ मनाया जाता है। यह दिवस नारी के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास व अस्तित्व को महत्वपूर्ण दर्जा देने के लिए पावन दिवस है। परंतु यह महिला दिवस मनाना कब वह कैसे सार्थक होगा, यह चिंतन-मनन का विषय है। क्या आज भी महिलाएं अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागृत हो पाई है? क्या बुलंद हौसलों से अत्याचार-अनाचार व कुरीतियों-रूढिय़ों का प्रतिरोध कर पाई है? साथ ही घरेलू हिंसा व शारीरिक यातनाओ को मुंहतोड़ जवाब दे पाई है? आंतरिक व बाहय दरिंदे, जो शारीरिक व मानसिक शोषण कर नारी के आत्मसम्मान पर कुठाराघात करते हैं साथ ही उन भेडिय़ों को, जो उनकी बोटिया नोच नोच कर खा रहे हैं, क्या उनको पूर्ण मनोबल से सबक सिखा पाई है? यदि इन सभी प्रश्नों का उत्तर पाना चाहे तो जवाब नकारात्मक ही होगा।

हमारा यह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाना तभी सार्थक होगा, जब हम नारी समाज की सुषुप्त शक्तियों को जागृत करें। संपूर्ण नारी-शक्ति में आत्मविश्वास व पूर्ण मनोबल से हर परिस्थिति का सामना करने का जुनून कायम कर सके। नारी स्वयं की सुरक्षा व संरक्षा करने के साथ ही अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति भी जागृत हो सके और जो लक्ष्य वह पाना चाहती है उसके लिए पूर्ण इच्छाशक्ति के साथ अग्रसर हो सके। साथ ही उसके साथ हो रहे हैं अत्याचारों व प्रताडऩाओं का मुंहतोड़ जवाब दे सके।

आइए! हम सभी भारतवासी कृत-संकल्पित हो कि, नारी समाज को सुशिक्षित, सुरक्षित व संरक्षित कर, उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर, उन्हें पूर्ण आत्मविश्वास व दृढ़ता के साथ आगे बढऩे का हौसला दे ताकि प्रत्येक विषम परिस्थिति का डट कर मुकाबला करते हुए, परिवार. समाज व देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन कर सकें।