
पाली।
चेन्नई पुलिस दल पर हमला कर फरार हुए नाथूराम जाट की पत्नी मंजूदेवी को पुलिस ने रविवार को पीपाड़ शहर (जोधपुर) के निकट स्थित मालावास गांव से दस्तयाब किया। मालावास में वह अपने धर्मभाई इन्दाराम पुत्र मिश्रीलाल वैष्णव के घर पर छिपी हुई थी। आरोपित नाथूराम जाट उसे यहां छोड़कर गया था। मामले में पुलिस नाथूराम (पिण्डेल) जाट, दीपाराम जाट की तलाश में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि 16 नवम्बर 2017 को चेन्नई के लक्ष्मीपुरम की कडप्पा रोड स्थित मुकेश कुमार जैन की ज्वैलरी की शॉप से दिनदहाड़े करीब साढ़े तीन किलो सोने व साढ़े चार किलो के चांदी के आभूषण व करीब दो लाख रुपए नकद चोरी हो गए थे।
... तो सुलझ रहा मामला
पाली में चेन्नई के इंस्पेक्टर पेरिया पंडियन की मौत का मामला अब पूरी तरह से सुलझ चुका है। आरोपी नाथूराम को पकडऩे चेन्नई से आई पुलिस टीम के इंस्पेक्टर पेरिया पंडियन की मौत उसके ही साथी की पिस्टल से निकली गोली से हुई थी। चेन्नई से आए पुलिस अधिकारी संतोष कुमार ने इसकी पुष्टि की थी। बाद में पाली एसपी ने भी क्राइम सीन दोहराकर उसकी पुष्टि कर दी थी। अब मुख्य आरोपी नाथूराम की पत्नी से पूछताछ के बाद भी यही खुलासा हुआ है कि पंडियन की मौत किसी पुलिसकर्मी की गोली से ही हुई थी।
पाली की जैतारण पुलिस इस मामले में अब तक चार लोगों को अरेस्ट कर चुकी है। चारों ने पूछताछ में यही बयान दिया है कि हमला करने वाले किसी के पास भी हथियार नहीं थे। पुलिस नाथूराम को पकड़कर बाहर तक ले आई थी लेकिन इसी दौरान अचानक गोली चली और नाथूराम को ला रहे इंस्पेक्टर पांडियन गिर पड़ा।
मौका देखकर परिवार के सभी लोग अलग-अलग दिशा में भाग गए। पुलिस टीम उनमें से किसी को भी नहीं दबोच सकी। पाली पुलिस ने पहले नाथूराम और उसके परिजनों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया था, बाद में उन पर हत्या की साजिश का मामला दर्ज किया गया है। नाथूराम की तलाश में अब तक पाली, जोधपुर और आस-पास के कई जिलों में सर्च जारी है।
मामले में चेन्नई पुलिस ने मंगलवार देर रात आरोपितों की तलाश में जैतारण-रामावास मार्ग स्थित एक चूने के भट्टे पर सादी वर्दी में दबिश दी थी। जहां आरोपित नाथूराम व वहां रह रहे परिवार ने लाठियों से हमला कर दिया।
टीम में शामिल चेन्नई पुलिस के इंस्पेक्टर टी.एम. मुनिशेखर अपने कुछ साथियों के साथ दीवार फांद कर बाहर आ गए, लेकिन आरोपितों ने चेन्नई पुलिस निरीक्षक पेरिया पांडियन को घेर कर हमला कर दिया। उन्हें बचाने के लिए जैसे ही मुनिशेखर पिस्टल निकाल रहा था कि गोली चल गई जो सीधे पेरिया पांडियन को जा लगी। जिससे उसकी मौत हो गई थी।
इधर, इंस्पेक्टर टी.एम. मुनिशेखर व उनकी टीम शनिवार को चैन्नई पहुंच गई। इंस्पेक्टर मुनिशेखर ने जैतारण थाने में जो एफआरआई दर्ज कराई थी, उसमें पिस्टल उनके हाथ में नहीं होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि, पाली पुलिस की ओर से उनके खिलाफ किसी तरह का मामला दर्ज नहीं किया गया है। इधर, फरार आरोपित नाथुराम की तलाश में पुलिस दल जुटे हुए हैं।
एफआरआई में झूठी निकली ये कहानी
घटना को लेकर चैन्नई पुलिस के इंस्पेक्टर टी.एम. मुनिशेखर ने जैतारण थाने में जो रिपोर्ट दर्ज कराई। उस पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। रिपोर्ट में नाथुराम सहित चार जनों के खिलाफ हत्या आदि का मामला दर्ज कराया। इसमें कार्रवाई के दौरान नाथुराम व अन्य द्वारा लाठियों व लोहे के सरियों से हमला करना बताया गया, जिससे वे भागे। रिपोर्ट में बताया कि अपने अन्य साथियों के साथ मुनि शेखर चारदीवारी से बाहर आ गए। इस दौरान उनकी पिस्टल भी चारदीवारी में गिर गई। जिसे उठाकर पेरियापांडियल चारदीवार से बाहर आ रहे थे कि नाथूराम व अन्य ने उन्हें घेरकर हमला कर दिया। इस दौरान गोली चलने की आवाज आई। वे भागकर वापस गए तो पेरियापांडियल नीचे गिरे हुए थे और उनकी बॉडी से खून निकल रहा था। इसे देख वे उन्हें जैतारण अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एफआरआई में कहीं भी स्पष्ट नहीं हो रहा था कि गोली किसने चलाई।
झूठी रिपोर्ट पर भी होगी कार्रवाई
अनुसंधान के दौरान यह सामने आया कि इंस्पेक्टर टी.एम. मुनिशेखर की पिस्टल से निकली गोली से पेरियापांडियल की मौत हुई। जो झूठी एफआईआर दी, उसको लेकर भी कार्रवाई की जाएगी।
- दीपक भार्गव, पुलिस अधीक्षक, पाली
Updated on:
18 Dec 2017 10:38 am
Published on:
18 Dec 2017 10:30 am

बड़ी खबरें
View Allपाली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
