राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान का आगाज 13 से
पाली. जल ही जीवन है का महत्व समझाते हुए जल संरक्षण का संदेश देने के लिए राजस्थान पत्रिका की ओर से अमृतम जलम् अभियान का आगाज 13 मई को किया जाएगा। इसमें शहरवासी और ग्रामीण अपने आस-पास के जलस्रोतों (तालाब, नाडी, पोखर, बावड़ी आदि) व ऐतिहासिक जलस्रोतों की सफाई करने के साथ उनकी मरम्मत व निर्माण का कार्य कर बरसात के पानी को सहेजने का जतन करेंगे। कई जगह पर जलस्रोतों की गहराई बढ़ाने व अधिक जल सहेजने के लिए खुदाई भी की जाएगी। श्रमवीर जल संरक्षण की शपथ लेने के साथ आने वाली पीढ़ी को पानी का महत्व समझाएंगे।
जिले में यहां करेंगे शुरुआत
जिले में ग्रामीण राजस्थान पत्रिका की प्रेरणा से स्वयं इस महायज्ञ में आहुति देने के लिए आगे आ रहे है। इस अभियान का आगाज जिले में पहले दिन चार जगह पर किया जाएगा। सवराड़ गांव में 1300 साल से अधिक पुरानी बावड़ी की सफाई करने के साथ इसका जीर्णोद्धार कराने का प्रयास किया जाएगा। इसी तरह घाणेराव में 400 साल पुरानी सूरजकुण्ड बावड़ी पर श्रमवीर श्रमदान करेंगे। गुंदोज गांव में ग्रामीण नाडी की सफाई कर अपनी आहुति देंगे। वहीं भगोड़ा गांव में गुरुकुल देवारम की पौराणिक नाडी की सफाई की जाएगी।
शिक्षा से समाजोत्थान संभव : पंवार
सोजत. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग महासंघ के जिलाध्यक्ष डगऱाराम पंवार ने कहा कि शिक्षा से ही समाजोत्थान संभव है। परिजन अपने बालकों को अधिक से अधिक शिक्षा की ओर प्रेरित करे। पंवार गुलाब मार्ग पर आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि समाज में युवाओं में तेजी से बढ़ रहे नशे के प्रचलन पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए। नशा नाश की जड़ है इसे रोकने के लिए युवाओं में जनचेतना जागृत करनी होगी। इस मौके पर शिक्षाविद विजयसिंह चौहान ने कहा कि अभिभावक बालिका शिक्षा को बढ़ावा दें। बैठक में रविन्द्रकुमार भटनागर, जगदीश गहलोत, दुर्गाराम डांगी, धीरज गहलोत, हेमाराम सोलंकी सहित कई लोग मौजूद थे।