पाली। पाली पुलिस लाइन में उपद्रवियों ने पत्थरबाजी कर दी। पुलिस ने मुकाबला करते हुए लाठीचार्ज किया। आंसू गैस के गोले, पानी की बौछारों सहित गोलियां चलाई। इस दौरान कई जवान घायल हो गए, उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। यह नजारा देखते ही लोग डर गए। आगामी दिनों त्योहारी सीजन को देखते हुए कानून व्यवस्था व हालात बिगड़ने पर हर िस्थति से निपटने के लिए पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस ने अपनी सतर्कता जांचने के लिए गुरुवार को पाली पुलिस लाइन में मॉकड्रिल यानि अभ्यास किया।
पाली एसपी राजन दुष्यंत के निर्देशन में पुलिस लाइन में मॉकड्रिल किया गया। आगजनी, घायलों को अस्पताल भेजने, उपद्रवियों को गिरफ्तार करने, अनाउंसमेंट, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले, पानी की बौछार छोड़ने, गोलियां छोड़ने, लाठी चार्ज करने, उपद्रवियों की ओर से पत्थरबाजी से बचने का अभ्यास करवाया गया। इस दौरान पुलिसकर्मी ही उपद्रवी बने थे। उन्होंने पुलिस-प्रशासन हाय-हाय के नारे लगाए। पुलिस के अधिकारी ही मजिस्ट्रेट और अधिकारी बनकर निर्देश देते हुए नजर आए। इस दौरान ऐसा लग रहा था, मानो पूरा क्षेत्र हुड़दंगियों के कब्जे में है और पुलिस इससे निपटने की कोशिश कर रही है।
स्थिति बिगड़ने पर लड़ना सिखाया
उपद्रवियों की पत्थरबाजी से लेकर उन पर आंसू गैस के गोले, हवाई फायरिंग, पानी की बौछार, लाठीचार्ज से लेकर गिरफ्तारी तक की कार्रवाई की गई। मॉकड्रिल के दौरान जवानों को बताया गया कि स्थिति बिगड़ती है और लोग घायल होते हैं तो उन्हें कैसे भीड़ से निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाना हैं। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बुगलाल मीणा, सीओ सिटी अनिल सारण, कोतवाली प्रभारी सुरेश चौधरी सहित कई पुलिस अधिकारी व जवान मौजूद रहे।
हर माह होगी मॉकड्रिल
मॉकड्रिल एक रेगुलर प्रक्रिया है। पुलिस के पास जो भी हथियार है, उसका अभ्यास करवाया गया। आपात स्थिति में कैसे काम करना हैं। इसका अभ्यास पुलिस के जवानों को करवाया गया। पुलिस अलर्ट है। अब यह मॉकड्रिल हर माह होगी। – राजन दुष्यंत, एसपी, पाली