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साइबेरिया व कजाकिस्तान से उड़ान भर पहुंचे धोरों की धरां पर कुरजां को रास आई आबोहवा, खुंटाणी के तालाब में डाला डेरा

-मेहमानों की अठखेलियां देखने उमड़ रहे पक्षीप्रेमी

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पाली

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Suresh Hemnani

Sep 17, 2018

Siberia Kurzan Birdfriend

साइबेरिया व कजाकिस्तान से उड़ान भर पहुंचे धोरों की धरां पर कुरजां को रास आई आबोहवा, खुंटाणी के तालाब में डाला डेरा

प्रमोद दवे
रोहट। क्षेत्र का खुटाणी गांव इन दिनों विदेशी परिंदों की पसंदीदा जगह बना हुआ है। ये विदेशी मेहमान हैं, कुरंजा। जो हर साल हजारों किलोमीटर ल बी यात्रा कर देश के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचते हैं। इस बार इन विदेशी पक्षियों को क्षेत्र के खुंटाणी गांव के तालाब की आबोहवा खासी रास आई है। तभी तो यहां सैकड़ों की सं या में ये पक्षी इन दिनों अपनी अठखेलियां करते रहते हैं।
वैसे भी मारवाड़ की आबोहवा विदेशी परिंदों को खासी रास आती है। इनमें से कुरजां भी एक है, जो प्राय: ठंडे देशों में रहते हैं। खास बात ये है कि क्षेत्र के खुंटाणी तालाब में पानी होने से तालाब के किनारे सुबह से शाम तक कुंरजा पक्षी डेरा डाले रहते हैं। इन परिंदों को देखने के लिए खुंटाणी भैरूजी मंदिर के निकट ग्रामीणों की भीड़ भी लगी रहती है। खुंटाणी गांव में भैरूजी मंदिर पर दर्शन करने के बाद जब तालाब की ओर देखते हैं तो सैंकड़ों की संख्या में कुरजां पक्षी बैठे हुए दिखाई दे जाते हैं।

पानी पीने पहुंचते हैं तालाब
प्रवासी पक्षी (डेमोइसेल क्रेन) को स्थानीय भाषा में कुरजां कहते हैं। कुरजां अधिकतर बीकानेर संभाग और जोधपुर संभाग के गांवों में तालाबों पर पानी पीने के लिए आती हैं। ये पक्षी साइबेरिया से ईरान, अफगानिस्तान आदि देशों से होते हुए भारत में प्रतिवर्ष आते हैं। छापर का तालाब और घाना पक्षी विहार भरतपुर में ये आना अधिक पसन्द करते हैं।

हड़ताल से दूर रहेंगे रोडवेजकर्मी

पाली। राजस्थान रोडवेज में वामपंथियों एवं अन्य संगठनों के द्वारा आज हड़ताल करने का आह्वान किया गया है। इससे राजस्थान परिवहन फेडरेशन से सम्बद्ध ध भारतीय मजदूर संघ से जुड़े कर्मचारी जनहित व निगम हित को देखते हुए बसों का संचालन करेंगे। यह निर्णय बैठक आयोजित कर लिया गया। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष जवानसिंह, हजारीसिंह, विजेन्द्रसिंह, पप्पुराम, गजेन्द्रसिंह जेतावत, विशनसिंह, भूपेन्द्रसिंह, कुलदीपसिंह सहित कई जने उपस्थित रहे।

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