
pali
पाली, तखतगढ़।घर में रखी तिजोरी को कोई दूसरी चाबी से खोलने का प्रयास करता था तो तिजोरी उसका हाथ ही पकड़ लेती थी। सुनने में थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन तखतगढ़ के जन वैज्ञानिक पीएल मिस्त्री ने इस प्रकार की तकनीक 60-70 साल पहले ही विकसित कर ली थी। जी हां, मिस्त्री ने एक एेसा ताला बनाया था जिसमें गलत चाबी लगाकर या ताले को किसी भी प्रकार से उसकी मूल चाबी के बिना खोलने की कोशिश करते थे तो ताला हाथ पकड़ लेता था। इसके बाद जब उसे असली चाबी से खोला जाता तो ही हाथ छूटता था। यह पूरी प्रणाली मैकेनिकल सिस्टम से काम करती थी। उस समय किए गए इस आविष्कार पर अब भी लोग आश्चर्य करते हैं।
कई जगह उपयोगी
यह आविष्कार उस समय पेटेंट करवाने के बाद अलमारी निर्माण करने वाली बड़ी कंपनी को दिया गया। इसका बाद में आमजन के लिए काफी उपयोग किया गया। इस आविष्कार की खासियत यह थी कि दूसरी चाबी लगाते ही यह एक दम से हाथ पकड़ लेता था।
बहुत विद्वान थे
पीएल मिस्त्रीजी मेरे पिताजी के अजीज दोस्त थे। मेरा भी उनके घर आना-जाना रहता था। वैसे तेज तर्रार बुद्धि के धनी थे। मिस्त्रीजी को मानद उपाधि मिलनी चाहिए।
बाबू खां रंगरेज, वरिष्ठ नागरिक, तखतगढ़।
पत्रिका द्वारा पीएल मिस्त्रीजी के आविष्कारकों को लेकर अभियान चलाकर नागरिकों को रूबरू करवाया जा रहा है। विश्वविद्यालय को कोई भी अभिशंसा एवं अनुशंसा की आवश्यकता पड़ेगी तो मैं स्वयं तत्पर रहूंगा। महिपालकुमार भारद्वाज, उपखंड अधिकारी, सुमेरपुर
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