
शहर में अवैध रूप से चल रही फैक्ट्रियां और धुलाई केन्द्रों को जिला प्रशासन, नगर परिषद और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की संयुक्त टीम ने तोड़ दिया। दो स्थानों पर हुई कार्रवाई तो शांतिपूर्ण रही, लेकिन जैसे ही तीसरे स्थान पर दल कार्रवाई के लिए पहुंचा तो दरवाजा नहीं खोला गया।
पिछले 55 दिन से बंद पाली के कपड़ा उद्योग के बावजूद शहर में धुलाई केन्द्र चालू होने की जानकारी समय-समय पर राजस्थान पत्रिका ने प्रकाशित की तो प्रशासन हरकत में आया। प्रदूषित पानी बांडी नदी में डाला जा रहा था। इस पर प्रशासन ने राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल को शहर में संचालित होने वाली अवैध फैक्ट्रियों को चिह्नित करने को कहा। इस पर टीम ने अलग-अलग स्थानों पर चिह्नित किया है।
आदर्श नगर में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
आदर्श नगर क्षेत्र में रहवासीय क्षेत्र के बीच एक अवैध कपड़ों धुलाई की फैक्ट्री लम्बे समय से संचालित हो रही है। यहां पहले ही तीन बार से अधिक कार्रवाई हो चुकी है। दो बार तो हौदे भी तोड़े गए थे, लेकिन अब फिर से यहां धुलाई का कार्य हो रहा है। यहां बने हौदों को नगर परिषद की जेसीबी ने ध्वस्त किया। रामदेव रोड क्षेत्र में एक अवैध फैक्ट्री पर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। यहां भी कपड़ा धुलाई 6 से अधिक हौदे तोड़े गए। साथ ही सुखाने के लिए लगाए गए अडाण भी हटाए गए।
यहां से बैरंग लौटी टीम
अम्बेडकर सर्किल के समीप एक गली में संचालित होने वाली एक अवैध फैक्ट्री पर कार्रवाई के लिए जब टीम पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। टीम ने दरवाजा खोलने को कहा, लेकिन किसी ने नहीं खोला। टीम ने एसडीएम विशाल दवे से मार्गदर्शन चाहा तो उन्होंने बिना नोटिस दिए कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद टीम बैरंग लौट आई।
पहले मिलती गई सूचना
यह संयुक्त दल जहां भी पहुंचा वहां काम होता नहीं मिला, बल्कि हौदों में पानी तक नहीं था। जबकि इन क्षेत्रों से लगातार अवैध धुलाई होने की शिकायतें मिल रही थी। एेसे में इस बात का अंदेशा जताया जा रहा है कि कार्रवाई से पहले ही सूचनाएं लीक होकर इन अवैध फैक्ट्री संचालकों तक पहुंच गई।
इन्होंने कहा
जो सूची सर्वे के बाद मिली थी उन पर कार्रवाई के लिए टीम भेजी गई थी। एक जगह ताला मिला तो वहां नगर परिषद को नोटिस देने के लिए कहा है।
विशाल दवे, उपखण्ड अधिकारी
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