
जवाई से अब ले रहे 5.50 एमसीएफटी पानी, अब सितम्बर तक बुझेगी प्यास
पाली। बरसात के अभाव से करीब 7327.50 एमसीएफटी क्षमता के जवाई बांध के लाइव स्टोरेज में अब केवल 800.60 एमसीएफटी पानी बचा है। इसमें से करीब 600 एमसीएफटी पानी डेड स्टोरेज का है। ऐसे में लाइव स्टोरेज में केवल 200.60 एमसीएफटी पानी ही शेष है। इसे देखते हुए जलदाय विभाग की ओर से पूरे जिले में 48 घंटे के बजाय 96 घंटे अंतराल से जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। इसका परिणाम यह रहा कि जवाई का जो पानी 20 सितम्बर तक के लिए आंका गया था। उसके अब पूरे सितम्बर माह चलने की उम्मीद है।
जवाई बांध से 48 घंटे के अंतराल से जलापूर्ति करने पर रोजाना 8-9 एमसीएफटी पानी की जरूरत होती थी। अब 96 घंटे से जलापूर्ति करने पर यह मात्रा घटाकर करीब 5.50 एमसीएफटी पर लाई गई है। इतनी मात्रा में पानी देने पर 200 एमसीएफटी पानी का उपयोग करीब 36 दिन तक किया जा सकता है। जो कम से कम सितम्बर में तो जिलेवासियों की प्यास बुझाने की आस है।
इधर, भूजल का करवाया सर्वे
पाली शहर में जलापूर्ति के लिए भू-जल स्रोतों की तलाश शुरू कर दी गई है। भूजल विभाग के जगदीश डांगी के साथ सिरोही के एक भूजल वैज्ञानिक ने बुधवार को पूनागर, खेतावास जीएसएस के समीप, पड़ासला, मठ व जाडन में भू-जल का सर्वे किया। जिससे वहां ट्यूबवेल खोदकर जलापूर्ति की जा सके। इस स्थल से रोजाना करीब 20 लाख लीटर पानी का दोहन करना प्रस्तावित है। इसके लिए 20-25 ट्यूबवेल खोदे जाने है। जिन पर बिजली का कनेक्शन लेने के बाद 24 घंटे पानी का दोहन कर शहर में जलापूर्ति की जाएगी।
पानी की करनी होगी बचत
पानी में जल संकट को देखते हुए जिले में पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। जवाई में जल स्तर घटने पर 25 सितम्बर से 96 घंटे के अंतराल से जलापूर्ति शुरू की। इस पर अब जवाई से रोजाना उपयोग होने वाले पानी की मात्रा 2.5 से 3 एमसीएफटी तक कम हुई है। लोगों को भी पानी की बचत करनी होगी। जिससे जवाई का पानी अधिक समय तक उपयोग कर सके। -कानसिंह राणावत, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग, पाली
आंकड़ों से यूं समझे पानी का उपयोग कम करने का गणित
तिथि : जवाई में पानी- इतना पानी रोजाना उपयोग (एमसीएफटी में)
26 अगस्त : 835.80- 7.60
27 अगस्त : 828.20- 7.60
28 अगस्त : 822.50- 5.70
29 अगस्त : 816.80- 5.70
30 अगस्त : 811.20- 5.60
31 अगस्त : 805.80- 5.40
1 सितम्बर : 800.60- 5.20
Published on:
02 Sept 2021 10:16 am

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