
टोल का खेल : जनप्रतिनिधियों से नहीं वसूलते टोल, तभी तो जनता की पीड़ा पर साध लिया मौन
पाली। पाली शहर से जोधपुर की दूरी करीब 75 किलोमीटर है। इस दूरी के बीच दो टोल चुकाकर वाहन चालक खुद को ठगा सा महसूस करते है। कई बार ये मुद्दा उठाया गया, लेकिन जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। सहयोग मिलता भी कैसे, अधिकतर जनप्रतिनिधियों की गाडिय़ां तो टोल प्लाजा पर बिना टोल चुकाए निकल जाती है। उनके कई कार्याकर्ता भी प्रतिनिधि का नाम लेकर अपनी गाडिय़ां बिना टोल चुकाए निकाल लेते हैं। लेकिन आमजन को तो अभी भी दो टोल चुकाने पड़ रहे हैं।
जनप्रतिनिधि उठाए हमारी मांग
75 किलोमीटर की दूरी के बीच दो टोल किसी भी मार्ग पर नहीं है। फिर पाली-जोधपुर मार्ग पर महज 23 किलोमीटर की दूरी के बीच वाहन चालकों को दो टोल क्यों चुकाने पड़ रहे है। जनप्रतिनिधियों को हमारी मांग उठानी चाहिए। - शंकरलाल गोयल, अध्यक्ष, पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज, पाली
हमारी सुने जिम्मेदार
महज 23 किलोमीटर की दूरी के बीच दो टोल पाली-जोधपुर मार्ग पर है, जो नियमों के तहत भी गलत है। इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों को भी मुखर होना चाहिए, तभी समस्या का समाधान हो सकेगा। - नरपत सैन, बापूनगर विस्तार
ठगा सा महसूस करते हैं
60 किलोमीटर की दूरी के बाद दूसरा टोल चुकाने का नियम है तो फिर जोधपुर-पाली के बीच महज 23 किलोमीटर की दूरी के बीच दो टोल नाकों पर हमें टोल क्यों चुकाना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों को आमजन की आवाज उठानी चाहिए। - अभिषेक दुग्गड़, अध्यक्ष, तेरापंथ युवक परिषद, पाली
अधिकारियों की गलती से भुगत रही जनता
नियमों के विरूद्ध दो टोल स्थापित किए गए है। उसका नुकसान क्षेत्र की जनता अब नहीं उठाएंगी। समाधान को लेकर परिहवन मंत्रालय दिल्ली जाकर वार्ता कर हल निकालने का प्रयास करेंगे। - रश्मिसिंह, जिलाप्रमुख, पाली
Published on:
04 Apr 2021 11:32 am

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