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52 गांवों को पानी पिलाने वाला गुन्दोज गांव की क्या है व्यथा ? जानिए इस खबर में…

- बारह हजार की आबादी के लिए सात सौ लीटर की एक टंकी - दिनभर लगती बर्तनों की कतार - कुएं का पानी टूटा, बर्तनों की लम्बी कतार, अब नम्बर सुबह आएगा

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पाली

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Chenraj Bhati

Jun 23, 2022

52 गांवों को पानी पिलाने वाला गुन्दोज गांव की क्या है व्यथा ? जानिए इस खबर में...

52 गांवों को पानी पिलाने वाला गुन्दोज गांव की क्या है व्यथा ? जानिए इस खबर में...

water crisis :गुंदोज ( पाली )। क्षेत्र के बावन गांवों को पानी पिलाने वाले गुन्दोज गांव के लोग आज पानी को तरस रहे हैं। गांव में करीब दो माह पहले जवाई बांध का पानी बंद कर दिया गया। ऐसे में गांव में जलसंकट हो गया। जलदाय विभाग ने गांव की नाडी के कुएं में मोटर लगाकर पानी की व्यवस्था तो की लेकिन इतने बड़े गांव के लिए मात्र एक सात सौ लीटर की टंकी नाकाफी है। कुएं का पानी भी अब टूटने लगा है। हालात ये हैं कि पूरा गांव दिनभर पानी के लिए जूझता रहता है। पानी की टंकी के पास बर्तनों की लम्बी लाइन लगी रहती है। कुएं का पानी टूट जाता है और बर्तन लाइन में ही लगे रहते हैं। पाली उपखंड के सबसे बड़े गुन्दोज गांव की आबादी करीब 12000 हजार है। पानी के लिए व्यवस्था जलदाय विभाग द्वारा पाइप लाइन डालकर 700 लीटर की पानी की टंकी में कनेक्शन किया गया है। इसी 700 लीटर पानी की टंकी पर पूरा गांव निर्भर है। विभाग द्वारा कुएं में सुबह 2 घंटे और शाम को 1.30 घंटा मोटर चलाकर टंकी में पानी भरा जाता है। गांव में दो जगह पानी की टंकी रखवाई गई है। एक गांव की नाडी के कुएं पर लगवाई गई है। जिसे सुबह-शाम मोटर चलाकर भरा जाता है। यहां पानी मीठा होने के कारण दिनभर ग्रामीणों की लम्बी कतारें लगी रहती हैं। दूसरी टंकी पंचायत भवन के पास लगवाई है। जहां हैण्डपम्प पर मोटर लगार उसे भरा जाता है। यहां पानी खारा होने के कारण यहां से लोग पानी नहीं भरते हैं।

बर्तनों पर रख जाते हैं पत्थर

कुएं का पानी टूटने से लोगों को निराश लौटना पड़ता है। गांव वाले कतार लगाकर पानी ले जाते हैं। कतार पूरी नहीं होती इससे पहले कुएं का पानी टूट जाता है। मोटर बंद हो जाती है। लोग अपना नंबर लगाने के लिए अपने बर्तन रात भर लाइन में पड़े रखते हैं। बर्तन हवा से नहीं उड़े इसके लिए बड़े पत्थर बर्तनों पर रख देते हैं।

दो माह से बंद कनेक्शन

गांव में जलदाय विभाग की ओर से अठारह सौ कनेक्शन किए हुए हैं। जो 2 महीने से पूरी तरह बंद हैं। गांव में मुख्य तालाब 52 गांव की प्यास बुझाता था। आज पूरी तरह सूख गया है। गांव वाले तलाब में गड्ढे कर के पानी ले जाते हैं। परिवार के अधिकतर सदस्य पानी की व्यवस्था में लगे रहते हैं।

गड्ढों से भरते पानी

पानी की तलाश में लोगों गांव के तालाब में गड्ढे कर लिए हैं। जहां से छोटे बच्चे उतर कर पानी भरते हैं। ऐसे में उनकी जान को भी खतरा रहता है।

पानी के लिए दिनभर लोग भटकते हैं

जलदाय विभाग द्वारा एक कुएं व दूसरे हैंडपंप के मोटर लगाकर पानी की टंकी लगाई हुई है। कुएं का पानी मीठा है। हैंडपंप का पानी खारा है। मेरे गांव में पानी के लिए लोग दिनभर भटकते रहते हैं। - दिनेश बंजारा, सरपंच, गुन्दोज

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