पत्रिका जागो जनमत के तहत महिलाओं ने बेबाकी से रखी बात।
विधानसभा चुनाव में आने वाले प्रत्याशियों को क्या करना चाहिए। किस तरह की सुविधाएं होनी चाहिए। महिलाओं की जरूरतें क्या हैं। इन पर राजस्थान पत्रिका के जागो जनमत अभियान के तहत बुधवार को महिलाओं ने ज्योति विद्या मंदिर स्कूल में आयोजित चौपाल में बेबाकी से अपनी बात रखी। उनका कहना था कि पाली को संभाग का दर्जा तो दे दिया गया है, लेकिन यहां पर सुविधाएं तो जिला स्तर जैसी भी नहीं है। ऐसे में सबसे पहले तो संभाग को संभाग जैसा बनाया जाना चाहिए। महंगाई के कारण घरों का बजट बिगड़ गया है। महंगाई पर लगाम लगनी चाहिए। महिलाओं ने मतदान करने व लोगों को प्रेरित करने की शपथ ली।
जोधपुर सरीखा हो विकास
तृप्ति चतुर्वेदी पाण्डेय ने कहा कि पाली को संभाग बनाया गया है तो अब यहां से निर्वाचित प्रतिनिधि से अपेक्षा भी उसी स्तर की हो गई है। जिस तरह जोधपुर का विकास हुआ है, उसी तरह पाली का भी होना चाहिए। मनीक्षी चतुर्वेदी ने कहा कि पाली शहर में तो सफाई तक ढंग से नहीं हो रही है। पार्किंग की सुविधा नहीं है। ये छोटी व्यवस्था पहले कर फिर विश्वविद्यालय व यूआइटी की मांग को पूरा करना चाहिए।
मूलभूत सुविधाओं पर देना चाहिए ध्यान
शांति पटेल कहती है कि शहर व गांवों में सड़कों की हालत खस्ता है। उसमें सुधार किया जाना चाहिए। नेता आने पर तो सड़कें सुधार दी जाती है, लेकिन आम आदमी की समस्या को दरकिनार कर दिया जाता है। विनीता आसवानी का कहना था कि नेताजी को जनता की भावनाओं व उनकी परेशानियों को देखकर कार्य करना चाहिए। आज भी शहर में कई जगह पर पानी का भराव होता है।
विधानसभा में उठनी चाहिए आवाज
ललिता पटेल बोली हमारे जिले की आवाज भी दमदार तरीके से विधानसभा में उठनी चाहिए। जिससे विकास हो। मंहगाई बढ़ती जा रही है। घर का बजट बिगड़ जाता है। पानी देवी पटेल का कहना था शहर में तो सबसे बड़ी समस्या टूटी सड़कें ओर सीवरेज से पानी निकासी नहीं होने की है। इस दौरान रहिसा बानो, मुस्कान गुरनानी, निर्मला वैष्णव, पिंकी भाटी, निर्मला परिहार, वर्षा परमार, रेखा प्रजापत, चेतना भाटी, सुशीला जोशी, पुष्पा देवी पटेल, सुमन बंजारा व ज्योति बंजारा ने विश्वविद्यालय के साथ शिक्षा के क्षेत्र में विकास होने की उम्मीद जताई।