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हीरा तलाश रहे थे 20 हजार से अधिक लोग, 100 से अधिक डेरों को तोड़ लागू की धारा 144

ड्रोन की निगरानी में हीरे के अवैध खनन पर कार्रवाई करते हुए डैम साइट क्षेत्र से 100 से ज्यादा झोपडिय़ां हटाई और हीरा तलाश रहे हजारों लोगों को भगाया।

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हीरा तलाश रहे थे 20 हजार से अधिक लोग, 100 से अधिक डेरों को तोड़ लागू की धारा 144

हीरा तलाश रहे थे 20 हजार से अधिक लोग, 100 से अधिक डेरों को तोड़ लागू की धारा 144

पन्ना/अजयगढ़. हीरे की खदानों का गढ़ माने जाने वाले पन्ना जिले में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है, अवैध रूप से हीरा तलाश रहे हजारों लोगों को खदेड़ दिया है, उनके करीब 100 से अधिक ठिकानों यानी झोपडिय़ों को तोडक़र क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है, ताकि फिर से कोई अपना डेरा नहीं डाल सके। इस कार्रवाई के कारण हडक़ंप मच गया था।

रूंझ नदी की निर्माणाधीन डैम साइट में दो महीने से हीरे का अवैध खनन कर रहे करीब 20 हजार लोगों पर वन विभाग ने अपनी नजर टेढ़ी कर ली है। शनिवार को विभाग एक्शन मोड पर आया और बड़ी संख्या में वन अमले के साथ मौके पर पहुंचा। ड्रोन की निगरानी में हीरे के अवैध खनन पर कार्रवाई करते हुए डैम साइट क्षेत्र से 100 से ज्यादा झोपडिय़ां हटाई और हीरा तलाश रहे हजारों लोगों को भगाया। दिनभर चली विभागीय कार्रवाई से अवैध हीरा कारोबारियों में हड़कम्प मचा रहा। वहीं शाम को एसडीएम ने विश्रामगंज एवं रूंझ डैम साइट में धारा 144 लागू कर दी है।


दरअसल, हीरे के इस अवैध कारोबार को पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था। खबरों को संज्ञान में लेकर बीते दिनों वन विभाग ने बैठक की। एक दिन पूर्व शुक्रवार को ड्रोन कैमरे से डैम साइट का सर्वे कराया। इसके बाद शनिवार की सुबह से कार्रवाई शुरू की।

एक अफवाह से जुटे हजारों लोग
रूंझ नदी के निर्माणाधीन डैम साइट में दिवाली के समय बड़ा हीरा मिलने की अफवाह के बाद से यहां दो महीने से मेले जैसे हालात हैं। कई किमी लंबे नदी क्षेत्र और पहाड़ी में 20 हजार (वन विभाग के अनुसार) से ज्यादा लोग हीरों की तलाश में लगे हैं। पहाड़ी में लगे पेड़ों के नीचे से मिट्टी निकाल लिए जाने के कारण पेड़ सूखकर गिर रहे हैं।

कुछ समझाइश से माने, कुछ को भगाया
शनिवार की सुबह वन अमला व वन समितियों के लोग मौके पर पहुंचे। कक्ष क्रमांक पी-334, पी-328, पी-329, पी-335 में एसडीओ विश्रामगंज दिनेश गौर के नेतृत्व में रेंजर विश्रामगंज मनोज सिंह बघेल, रेंजर अजयगढ़ नीलेश प्रजापति, रेंजर धरमपुर नरेश ककोडिया ने सुरक्षा समिति आरामगंज, विश्रामगंज, गहलोतपुरवा, भसूड़ा, सिंहपुर, दहलान चौकी के वन समिति के सदस्य और ग्रामीणों के साथ मौके पहुंचे और समझाइश दी। इस पर कुछ लोग अपनी-अपनी झोपडिय़ां छोडक़र चले गए। उनकी झोपडिय़ों को वन विभाग ने हटा दिया। विभाग की मानें तो करीब 5 हजार लोग वन क्षेत्र से बाहर आकर अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट गए। लगभग 1000 लोग वन क्षेत्र से बाहर आकर मुख्य मार्ग में वाहन एवं साधनों का इंतजार करने लगे। वहीं हजारों की संख्या में रूंझ बांध क्षेत्र में दिखे, जिन्हें भगा दिया गया।

आगामी आदेश तक प्रतिबंध जारी
एसडीएम सत्यनारायण दर्रो ने विश्रामगंज और रूंझ बांध परियोजना के निर्माण क्षेत्र में निर्माणाधीन कार्य एवं संभावित कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 लागू करने का प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश 12 नवम्बर की रात से आगामी आदेश तक ग्राम विश्रामगंज और रूंझ बांध परियोजना के निर्माण क्षेत्र में प्रभावशील रहेगा। विश्रामगंज एवं रूंझ बांध परियोजना के निर्माण क्षेत्र में समूह में लोगों के एकत्रित होकर किसी तरह का प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। अवैध खनन कार्य भी नहीं कर सकेगा। बगैर अनुमति के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लागू होगा।

वन क्षेत्र से लोगों की झुग्गियां पूर्णता हटा ली गई हैं। अब वन अमला प्रतिदिन पहुंचकर वहां के अवैध उत्खनन पर अंकुश लगाएगा। लोगों की आवाजाही भी प्रतिबंधित रहेगी।
-मनोज सिंह बघेल, रेंजर विश्रामगंज

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