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अजयगढ़ जनपद CEO पर 10 हजार रुपए का जुर्माना, एक नजर में जानिए पूरा मामला

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जिपं सीईओ ने की कार्रवाई

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fraud case: take 20 lakh rupees in the name of processing fees

fraud case: take 20 lakh rupees in the name of processing fees

पन्ना। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित समाजिक न्याय विभाग की परिवार सहायता योजना का लाभ हितग्राहियों को समय पर नहीं देने पर जिपं सीईओ गिरीश मिश्रा ने अजयगढ़ जनपद के सीईओ और प्रभारी लिपिक पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि हितग्राहियों को देने के लिए निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार जिपं सीईओ ने बीते दिनों अजयगढ़ जनपद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने पाया कि राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के 15 प्रकरणें की फाइलें अलमारी में बंद हैं। इन फाइलों को जिपं सीईओ अपने साथ ले आए थे।

एक प्रकरण करीब 10 माह से लंबित

यहां फाइलों को देखने के बाद उन्होंने पाया कि इनमें से 5 हितग्राहियों के प्रकरण भुगतान के लिए लंबित हैं जिनकी लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित 30 दिवस की अवधि समाप्त हो चुकी है। इन पांच प्रकरणों में से एक प्रकरण करीब 10 माह से लंबित पाया गया।

प्रत्येक प्रकरण में दो-दो हजार रुपए का जुर्माना

प्रकरणों के परीक्षण के बाद जिपं सीईओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारी जनपद सीईओ अजयगढ़ राजधर पटेल और संबंधित लिपिक समयपाल सुधीर श्रीवास्तव को सीधे तौर पर उत्तरदायी माना और उनके लिखाफ प्रत्येक प्रकरण में दो-दो हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

एसडीएम अजयगढ़ को कार्रवाई के निर्देश

इस प्रकार मामले में जनपद सीईओ पर 10 हजार और लिपिक पर भी 10 हजार रुपए का जुर्माना किया गया है। जुर्माने के संबंध में जिसं सीईओ ने एसडीएम अजयगढ़ को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि उक्त जुर्माने की कुल राशि 20 हजार रुपए हितग्राहियों को दी जाए।

बड़े लोगों पर भी होने लगी कार्रवाई
गौरतलब है कि अभी तक देखा जाता था कि किसी भी प्रकार की गलती के लिए अधिकारियों द्वारा जिम्मेदार बाबुओं को ही पूरी तरह से गलत मानकर कार्रवाई की जाती थी, लेकिन जिपं सीईओ द्वारा इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को भी जिम्मेदार माना जाने लगा है।

शौचायल निर्माण में हुई लापरवाही

उक्त प्रकरण से पूर्व भी पन्न जनपद में पीएम आवास और शौचायल निर्माण में हुई लापरवाही और गड़बड़ी के लिए संबंधित ग्राम पंचातयों के सचिव, रोजगार सहायक और पीसीओ पर कार्रवाई करने के साथ ही जनपद सीईओ पन्ना को भी जिम्मेदार मानते हुए नोटिस थमा दिया था। जिपं सीईओ की इस प्रकार की जा रह कार्रवाई के बाद बड़े और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों भी दहशत का माहौल देखा जा रहा है।