
chana kharidi kendra news in panna
पन्ना। जिले में बीते मानसून सत्र में औसत से करीब 30 फीसदी बारिश कम हुई। इससे फसलों को बुवाई और सिंचाई प्रभावित रही। इसे देखते हुए प्रदेश शासन ने जिले के सभी तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है। जल संकट के हालात को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर जेपी आइरीन सिंथिया ने जिले को पेयजल अभावग्रस्त जिला घोषित कर दिया था।
इन सबके बावजूद अभी तक जिले में करीब दो लाख क्विंटल चने की खरीदी जा चुकी है। इसी प्रकार गेहूं साढ़े पांच लाख क्विंटल से अधिक खरीदा गया है। जिले में भीषण सूखे के हालात के बाद भी इतनी बड़ी मात्रा में किसानों द्वारा बिक्री के लिए अनाज को लेकर मंडी पहुंचना समझ से परे है।
गौरतलब है कि गेहूं खरीदी का काम 26 से बंद हो गया है, जबकि मंडियों के माध्यम से चना, मसूर, सरसों आदि की खरीदी का काम 9 जून तक चलना है। जिले में अब तक 14 समितियों के माध्यम से नौ हजार से अधिक किसानों से करीब दो लाख क्विंटल चना की खरीदारी हो चुकी है। सरकार की ओर से करीब 8 करोड़ रुपए का भुगतान भी किसानों को किया जा चुका है।
गुनौर मंडी में निजी तुलावटी लूट रहे किसानों को
गुनौर मंडी में अनाज तौलने के लिए तराजू कम पड़ जाने के कारण प्रशासन द्वारा कुछ निजी तुलावटियों को लगाया गया था। जिनके द्वारा किसानों से तुलाई के नाम पर 20 रुपए तक वसूले जा रहे थे। वहीं कुछ तुलाई करने वालों द्वारा किसानों से सेटिंग बनाकर उनका अनाज पहले तौलाने के नाम पर 500 रुपए प्रति वाहन वसूली जा रही थी। किसानों ने सर्वेयरों द्वारा मनमानी तरीके से अनाज के सेंपल रिजेक्ट करने और व्यापारियों के अनाज के सेंपल को लेकर रुपए वसूलने के आरोप भी लगाए हैं। किसान उदलसिंह राजपूत, राम प्यारे गर्ग, रामेश्वरी पटेल, राम निरंजन आदि ने गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
अमानगंज व्यापारी संघ ने किसानों को कराया भोजन
रविवार को गल्ला व्यापारी संघ द्वारा कैंटीन में स्टाल लगाकर किसानों को भोजन वितरण किया गया। नगर परिषद द्वारा पानी की व्यवस्था की गई। व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक दुबे ने बताया कि आगे भी अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा भोजन की व्यवस्था की जाती रहेगी। वही तहसीलदार रावेन्द्र सिंह ने भी किसानों की मदद करने की बात कही है। इस अवसर पर राजेश छिरोल्या, रामस्वरूप छिरोल्या, मुकेश असाटी, राजेंद्र असाटी, नरेश चौदहा, सुरेश चौदहा, संतोष छिरोल्या, सतीश रावत, मुन्ना बडेरिया, मनोज असाटी आदि उपस्थित रहे। मंडी में कम नहीं हुई समस्याएं: जिले की अमानगंज मंडी में किसान सबसे अधिक परेशान हैं। यहां तौल मशीनों की कमी, अनाज के परिवहन की धीमी गति सहित कई कारण हैं जो किसानों को परेशान कर रहे हैं। दोनों मंडियों में कई-कई दिनों तक अनाज लेकर इंतजार करना पड़ता है।
Published on:
28 May 2018, 3:47 PM IST
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