20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रोजगार मिले तो मिटे पलायन का कलंक

रोजगार मिले तो मिटे पलायन का कलंक

2 min read
Google source verification
 Employment

Employment

पन्ना (गुनौर)। गुनौर की तुलना जिले की सबसे पिछड़ी विस के रूप में की जाती है। यहां लोगों के पास समुचित शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के साधन उपलब्ध नहीं हैं। महिलाओं की एक बड़ी आबादी उच्च शिक्षा के लिए संसाधन नहीं होने से वंचित है। रोजगार के साधन नहीं होने से बड़ी संख्या में लोग मजदूरी करने पलायन कर जाते हैं। समस्या ऐसे मध्यम वर्ग के युवाओं के लिए है जो मजदूरी भी नहीं कर सकते हैं।

शिक्षा व्यवस्था में हो सुधार

राहुल विश्वकर्मा, विस क्षेत्र के किसी भी कॉलेज में विज्ञान संकाय की कक्षाएं नहीं लगती हैं। इससे अधिकांश युवतियां १२वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं या फिर आर्ट से पढऩे को मजबूर हैं। इससे उन्हें रेाजगार के अवसर भी कम हो जाते हैं।


रोजगार मिले तो बात बने

सीएल वर्मा, विस क्षेत्र में छोटी या बड़ी किसी तरह की औद्योगिक इकाई नहीं है, जहां लोगों को रोजगार मिल सके। अभी लोगों को मजबूरी में पलायन करना पड़ता, जबकि क्षेत्र कृषि प्रधान होने से यहां खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगाई जा सकती हैं।

उच्च शिक्षा की हालत सुधरे

आनंद पटेल, क्षेत्र का युवा समुचित शिक्षा नहीं मिलने से परेशान है। यहां तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था नहीं होने से युवाओं को बाहर भी सिर्फ मजदूरी से जुड़े काम ही मिल पाते हैं। जिम्मेदारों ने कभी भी युवाओं की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया है। इसका खामियाजा पूरी युवा पीढ़ी को भुगतना पड़ रहा है।

प्राइमरी और मिडिल स्कूल सुधरे

संजय तिवारी, शिक्षा की रीढ़ कही जाने वाली प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की हालत खराब है। सरकारी स्कूल सिर्फ गरीबों के स्कूल बनकर रहे गए हैं।

कॉलेज में रिक्त पदों को भरा जाए

राकेश राजपूत, क्षेत्र में उच्च शिक्षा तो महज औपचारिकता बनकर रह गई है। गुनौर- अमानगंज के कॉलेजों में शैक्षणिक स्टॉफ के 80 फीसदी से भी अधिक पद रिक्त हैं।

सुरक्षित पलायन के प्रयास नहीं

अजीत पाठक, जिम्मेदार रोजगार उपलब्ध नहीं करा सकते तो इतना तो प्रयास करना चाहिए कि क्षेत्र के जो लोग पलायन कर रहे हैं उनके सुरक्षा की जिम्मेदारी ली जाए। मजदूर ले जाने वाले ठेकेदारों को लाइसेंस दिया जाए और मजदूरों का पलायन रोका जाए।