हीरा कार्यालय में जमा कराया, 21 सितंबर की नीलामी में रखा जाएगा
पन्ना. मजदूरी कर गुजारा करने वाले चार दोस्तों ने मिलकर पट्टा लेकर खदान लगाई थी। खुदाई में मिले 50 लाख के हीरे ने उनकी किस्मत पलट दी। इसे हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। सबकुछ ठीक रहा तो 21 सितंबर की नीलामी में 8.22 कैरेट के जैम क्वालिटी के इस हीरे को रखा जाएगा। बोली लग गई तो इसी महीने सभी को पैसे भी मिल जाएंगे।
करते हैं मजदूरी
जानकारी के अनुसार बेनीसागर मोहल्ला निवासी रतनलाल प्रजापति मजदूरी करते हैं और घर पर सिलाई का काम कर परिवार का गुजारा कर रहे हैं। उन्होंने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर जिला मुख्यालय के समीपी ग्राम हीरापुर टपरियन में उथली हीरा खदान के लिए पट्टा लेकर खनन शुरू किया था। सोमवार को उन्हें मिट्टी छनाई के दौरान चमकदार चीज दिखाई दी तो खुशी से झूम उठे। सफाई करने के बाद हीरा होने की पुष्टि हुई। इस तरह से किस्मत पलटने से सभी बहुत खुश हैं।
बच्चों को काबिल बनाऊंगा
इतना बड़ा हीरा पाने वाले रतनलाल को मलाल है कि वह पढ़ाई नहीं कर पाए। जब से होश संभाला हीरा की खदान लगाते आ रहा हैं, लेकिन किस्मत ने अब जाकर साथ दिया। रतनलाल ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है और बच्चे के आने से पहले ही यह खुशी मिल गई है। इससे पूरा परिवार खुश है। जान पहचान वाले लोग बधाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब हीरा मिलने से सारी तकलीफें दूर हो जाएंगी। अपनी खुशी का इजहार करते हुए रतनलाल ने कहा, वह जल्दी ही पिता बनने वाला है। उसने कहा, हमने जो कष्ट झेला है वह मेरी संतान को नहीं झेलना पड़ेगा। उसे पढ़ा लिखाकर काबिल बनाऊंगा ताकि वह समाज में इज्जत और सम्मान से रह सके।
जैम क्वालिटी का है हीरा
रतनलाल खदान से अपने तीनों साथियों को बुलाकर सभी एक साथ हीरा कार्यालय पहुंचे और उसे जमा कराया। हीरा पारखी अनुपम सिंह ने गुणवत्ता की जांच करते हुए इसका वजन किया। जो 8.22 कैरेट वजन का निकला। यह हीरा जैम क्वालिटी का है। गुणवत्ता के मामले में यह काफी अ'छा है। जिसकी कीमत करीब 45 से 50 लाख रुपए के बताई जा रही है। जिसकी नीलामी 21 सितंबर को हो सकती है। बताया गया है कि बारिश का सीजन हीरे के चाल की धुलाई वबिनाई का प्रमुख सीजन है। नीलामी शुरू होने से दो दिन पहले तक जमा होने वाले हीरे नीलामी में शामिल किए जाते हैं। इसलिए जल्दी ही प्रतिफल मिलने की उम्मीद है।