
जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा महोत्सव
पन्ना. जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा महोत्सव के तहत सोमवार को जनकपुर स्थित मंदिर में भगवान जगन्नाथ स्वामी को सत्यनारायण व्रत के महात्म की कथा सुनाई गई। कथा के समापन के बाद हवन का कार्यक्रम हुआ। इसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने अग्नि देवता को अपनी-अपनी आहुतियां समर्पित की। शाम करीब सात बजे से मंदिर के बाहर स्थित मैदान में भडारे के कार्यक्रम आयोजित हुआ। श्ह देर रात 10 बज के बाद भी चलता रहा। भंडार में हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
गौरतलब है कि जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा महोत्सव इन दिनों पूरे चरम पर है। इन दिनों भगवान जनकपुर मंदिर में हैं। इससे वहां प्रतिदिन विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी के तहत सोमवार को भगवान के सत्यनाराण व्रत महात्म की कथा सुनाई गई। पंडि़तों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया गया और फिर सत्यनारायण व्रत के महात्म की कथा भगवान जगन्नाथ को सुनाई गई। इसके बाद हवन का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। शाम को भंडारे का कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। यह रात १० बजे के बाद भी चलता रहा।
भगवान को मनाने आएगी देवी लक्ष्मी की पालकी
एक ओर जहां भगवान ससुराल में हैं वहीं देवी लक्ष्मी उनके ससुराल से वापस नहीं आने को लेकिन चिंतित हैं। वे भगवान को वापस लाने के लिए पालकी में सवार होकर मंगलवार की दोपहर जनकपुर पहुंचेंगी। जहां जनकपुर के लोगों द्वारा बटी के मायके आने पर भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद देवी की पालकी मंदिर के अंदर जाएगी। जहां देवी भगवान को वापस अपने घर चलने के लिए मनाएंगे। इसके बाद भी भगवान के ससुराल से वापस लौटेने के लिए राजी नहीं होने पर देवी उनसे रुष्टहो जाएगी और उनके दोनों हाथ बांधकर वापस लौट आएगी। देवी लक्ष्मी के रुष्ट होकर वापस लौट जाने से चिंतित भगवान घर की ओर लौटने लगेंगे। इसी के साथ पर्व समापन की ओर बढऩे लगेगेा।
Published on:
08 Jul 2019 09:44 pm
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