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अब फंदे में फंसा मिला तेंदुआ, रेस्क्यू कर बचाई जान

कुछ दिनों पूर्व ही फंदे में फंसाकर बाघ का शिकार किए जाने की घटना समाने आने के बाद भी जिलेभर में नहीं रुक रहा वन्यप्राणियों के शिकार के लिए फंदे लगाने का सिलसिला मुकुंदपूर जू की टीम ने रेस्क्यू कर बचाई तेंदुए की जान, सीसीएफ ने किया निरीक्षण

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रेस्क्यू टीम ने तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर फंदे से मुक्त किया

पन्ना. उत्तर वनमंडल के सुनहरा बीट में कुछ दिन पूर्व ही क्लच वायर के फंदे में फंसाकर एक युवा बाघ का शिकार कर लिया गया था। उक्त मामला अभी शांत भी नहीं हो पाया था कि अब दक्षिण वन मंडल के मोहंद्रा रेंज में एक तेंदुआ फंदे में फंसा पाया गया। तेंदुए की आवाज सुनकर लोगों ने वन विभाग को जानकारी दी। जिसके बाद जिले के अधिकारियों द्वारा मुकुंदपुर जू की रेस्क्यू टीम को बुलाकर फंदे में फंसे तेंदुए को ट्रैंकुलाइज किया गया। इसके बाद उसे फंदे से निकालकर जंगल में छोड़ दिया गया। जानकारी लगने के बाद मौके पर पहुंचे सीसीएफ छतरपुर ने बताया डॉग की मदद से फंदा लगाने वाले की भी पहचान कर ली गई है।


गौरतलब है कि शाकाहारी वन्यप्राणियों से अपनी फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों की बाड़ी, तारबारड़ी आदि के आसपास फंदे लगाते हैं। इसी तरह से लगे एक फंदे में फसने से बीते दिनों एक बाघ की मौत हो गई थी। उसके बाद अब मोहंद्रा रेंज के अमहा बीट के कक्ष क्रमांक १०२३ में एक युवा तेंदुआ फंस गया।

नर तेन्दुआ का दाहिना पैर तार फंदे में फंसा होने से वह जोर-जोर से दहाड़ रहा था। जिसकी आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने वन विभाग को जानकारी दी। इसके बाद अधिकारियों ने रेस्क्यू करने के लिए मुकुंदपुर जू की रेस्क्यू टीम को बुलवाया। जिससे रेस्क्यू टीम के डॉ. राजेश तोमर और उनके स्टॉफ के अन्य लोगों के आने के बाद तेंदुए को ट्रैंकुलाइज करने का निर्णय लिया गया। ट्रैंकुलाइज करन के बाद तेंदुए के पैर में फंसे तार काटकर मुक्क्त किया गया।


दो आरोपी किए गए गिरफ्तार
बताया गया , मामले की जानकारी लगने के बाद वन विभाग की ओर से सतना से ही डॉग भी बुलाया गया। जिसके सहायता से फांदा लगाने वाले दो लोगों के पहचान किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि अभी तक इनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है। वहीं इस मामले में छतरपुर रेंज के सीसीएफ संजीव झा ने बताया, फंदे में जंगली जानवर के फसने की जानकारी आई थी।जिसके बाद वन अमला मौके पर पहुंचा और मैं खुद यहां आया। सतना से डॉग स्कॉयड की टीम को बुलाया गया था। जिसने मौके का मुआयना किया है।

साथ ही तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर फंदे से सुरक्षित छुड़ा लिया गया हैं। जंगल मे छोड़ दिया। उन्होंने यह स्वीकार किया कि जंगल के आसपास के किसान फसलों को बचाने के लिए फंदे लगाते हैं।