एमपी के पन्ना में राजपरिवार की सदस्य जीतेश्वरी देवी को लोगों ने घसीट कर बाहर निकाल दिया। ऐतिहासिक जुगल किशोर मंदिर में पूजा के दौरान रात करीब 12.15 बजे यह घटना हुई। मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जा रहा था जिसमें बेवा जीतेश्वरी देवी भी शामिल हुईं थीं। उन्हें गर्भगृह में प्रवेश करने से रोका गया और जब वे नहीं मानीं तो घसीटकर मंदिर से ही बाहर निकाल दिया।
एमपी के पन्ना में राजपरिवार की सदस्य जीतेश्वरी देवी को लोगों ने घसीट कर बाहर निकाल दिया। ऐतिहासिक जुगल किशोर मंदिर में पूजा के दौरान रात करीब 12.15 बजे यह घटना हुई। मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जा रहा था जिसमें बेवा जीतेश्वरी देवी भी शामिल हुईं थीं। उन्हें गर्भगृह में प्रवेश करने से रोका गया और जब वे नहीं मानीं तो घसीटकर मंदिर से ही बाहर निकाल दिया।
ऐतिहासिक जुगल किशोर मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जा रहा था। यहां पूजा के दौरान राजपरिवार की सदस्य जीतेश्वरी देवी को घसीटकर बाहर निकालने का मामला सामने आया है। दरअसल, विवाद के बाद यह घटना हुई।
बताया जा रहा है कि भगवान जुगल किशोर मंदिर के पट खुलते ही पुजारी आरती करने लगे थे। उसी दौरान पन्ना राजपरिवार की सदस्य जीतेश्वरी देवी खड़ी हुईं और गर्भगृह में चौवर डुला रहे पुजारी से विवाद करते हुए चौवर छुड़ाकर खुद डुलाने लगीं। चौवर डुलाते हुए वे मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने लगीं तो मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें गर्भगृह में प्रवेश करने से रोका।
कुछ देर बाद वे मंदिर के गर्भगृह में अंदर घुस गईं और आरती करने लगीं। पुजारी उन्हें गर्भगृह के बाहर करने लगे, तभी वे फर्श पर गिर गईं। इस पर लोगों ने उन्हें हाथ पकड़कर घसीटते हुए गर्भगृह के बाहर किया। यहां भी वे पुलिस कर्मियों से विवाद करने लगीं। इस पर मौके पर मौजूद रहे पुलिसकर्मी ने उन्हें मुख्य मंदिर के बाहर छोड़ दिया।
पुलिस ले गई कोतवाली
राज परिवार की सदस्य जीतेश्वरी देवी को घटना के बाद पुलिस करीब 1 बजे कोतवाली लेकर आई। एसपी साईं कृष्ण एस थोटा ने बताया कि परंपरागत रूप से राज परिवार के पुरुष चौवर डुलाने की परंपरा का निर्वाह करते आए हैं। राज परिवार में अब पुरुष के रूप में उनके बेटे को चौवर डुलाने के लिए आना चाहिए था। बेटे के नहीं आ पाने के कारण जीतेश्वरी देवी पहुंच गईं।
मंदिर के मुसद्दी उन्हें वहां तक लेकर आए थे। वे आरती करने मंदिर के गर्भगृह में चलीं गई थीं। चूंकि वे बेवा हैं, इसलिए उनका आरती करना उचित नहीं था। इसलिए उन्हें बाहर निकाला गया है। मामले में एफआइआर दर्ज की जा रही है। मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा। मंदिर के पुजारी संतोष तिवारी ने भी घटनाक्रम को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि भगवान के जन्मोत्सव में ऐसा उपद्रव नहीं करना चाहिए था।
इधर जीतेश्वरी देवी को धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोपी मानते हुए पन्ना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जीतेश्वरी देवी के विरुद्ध मंदिर समिति ने शिकायत की है। इस पर धारा 295-A और 353 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। इससे पहले पन्ना राजघराने की महारानी जीतेश्वरी को पन्ना पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में बीच बाजार से हिरासत में लिया। जीतेश्वरी देवी को कोतवाली पुलिस ने हिरासत में लिया था।