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ट्रेने के लिए बस दो साल का इंतजार, 22 तक ट्रेन पन्ना लाने का लक्ष्य

मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने पन्ना-सतना और पन्ना-खजुराहो रेल लाइन का किया निरीक्षणसकरिया, फलवारी, देवेंद्रनगर और नागौद के निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों का किया निरीक्षणनागौद में नदी में निर्माणाधीन पुल को लेकर आ रही समस्या का भी किया निराकरण

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नागौद में नदी में निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण करते अधिकारी।

नागौद में नदी में निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण करते अधिकारी।

पन्ना. दशकों से रेल की आश लगाए बैठे पन्ना के लिए लोगों के लिए इंतजार के पल अब लागतार कम होते जा रहे हैं। जिले के दौरे पर आए पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) राजेश अगर्ल ने पन्ना में वर्ष २०२२ तक रेल लाने के लक्ष्य को लॉक कर दिया है। इससे आगामी दिनों से रेलवे का काम मिशन मोड में होने की उम्मीद है। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने तीन दिनी दौरे के दौरान दूसरीबार पूरे पन्ना-सतना और पन्ना खजुराहो रेल रूट का जायजा लिया। दोनों जिलों के अधिकारियों की बैठकें ली और निर्माण संबंधी समस्याओं का निराकरण किया।


जानकारी के अनुसार पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण राजेश अगर्ल ने रविवार को पन्ना-सतना रेलवे लाइन के लिए निर्माणाधीन सकरिया, देवेंद्रनगर और फुलवारी के रेलवे स्टेशनों को देखा। उन्होंने ठेकेदार के प्रतिनिधियों से काम में गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करने और लक्ष्य के अनुसार तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सतना जिले के नागौद में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन को देखा। यहां नदी में निर्माणाधीन पुल को लेकर जमीन संबंधी कुछ समस्याएं थीं, जिनका उन्होंने निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।


दो साल में पन्ना आएगी ट्रेन
जानकारी के अनुसार वर्ष २2022 के अंतिम महीनों तक ट्रेन को पन्ना लाने का लक्ष्य रेलवे ने तय किया है। इसी के अनुसार छोटे-छोटे लक्ष्य भी तय कर लिए गए हैं। ये आगामी मार्च माह से शुरू हो जाएंगे। सबसे पहले सतना से देवेंद्रनगर तक की समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाया जा रहा है। हालांकि अभी तक पटरी बिछाने का काम पूरे रूट में कहीं भी शुरू नहीं हो पाया है। पमरे के ईई एसके रिछारिया ने बताया पन्ना खजुराहो रेलवे लाइन के लिए उत्तर वन मंडल से ३१५ हेक्टेयर जमीन का मिलना शेष है। जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस जमीन के मिलते ही खजुराहो रेलवे लाने का काम भी तेजी के साथ शुरू हो जाएगा।


खजुराहो-पन्ना रेलवे के लिए २2024 का लक्ष्य
पन्ना-खजुराहो रेलवे लाइन में रेल चलाने के लिए वर्ष २०२४ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खजुराहो से पन्ना के बीच रेलवे के 6 स्टेशन बनाए जाएंगे। जिसमें से छतरपुर जिले की सीमा में 20 किमी की दूरी में 2 स्टेशन बरखेड़ा, सूरजपुरा का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद पन्ना जिले की सीमा में सबदुआ, बालूपुर, अजयगढ़ और सिंहपुर में रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। पहले छतरपुर जिले में पडऩे वाले २० किमी. के हिस्से का काम किया जाएगा। काम की शुरुआत केन नदी पर पुल और खजुराहो से केन नदी तक 20 किमी. की रेल लाइन का टेंडर डालने से शुरु होगी। छतरपुर जिले में केन नदी के किनारे वनविभाग से केवल 8 हेक्टेयर जमीन वनविभाग को मिलनी है।


केन नदी में बनेगा बड़ा पुल, शीघ्र जारी होगा टेंडर
केन नदी पर बड़ा पुल बनाया जाना है। इसके लिए टेंडर जारी करने के निर्देश मिले हैं। इसके साथ ही छतरपुर जिले की सीमा में 20 किमी. रेलवे लाइन के लिए टेंडर भी जारी किया जाना है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार काम शुरु किया जा रहा है। तयसीमा 2024 तक खजुराहो से पन्ना रेल लाइन कनेक्ट करने का लक्ष्य मिला है। इस दिशा में आगामी दिनों काफी तेजी से होने की उम्मीद है।


पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकरी (निर्माण) राजेश अर्गल ने दोनों रेलवे लाइनों का निरीक्षण किया है। निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन भी देखे हैं। नागौद के पुल में आ रही समस्या का भी निराकरण किया है। वर्ष २०२२ तक पन्ना में रेल लाने का लक्ष्य तय किया गया है।
एसके रिछारिया, ईई पमरे