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वर्ल्ड लेफ्ट हैंडर्स डे पर विशेष स्टोरी, लेफ्टी पुलिस अधिकारियों की कहानी उन्हीं की जुबानी

विशेष होते हैं लेफ्ट हैंडर्स, अपनों से भी जूझना पड़ता है इन्हें, बचपन में परिवार की डंट-डपट के साथ कई बार मार भी खानी पड़ी। आम दिनों के कामकाज में भी कई बार उठनी पड़ती है परेशानी।

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Left handers Day special story

Left handers Day special story

पन्ना. वर्ल्ड लेफ्ट हैंड-डे 13 अगस्त को मनाया जा रहा है। हमारे आसपास बड़ी सं या में ऐसे लोग हैं जो लेफ्ट हैंडर्स हैं। इसके कारण उन्हें परिवार में, समाज में, दोस्तों और बड़ों के बीच अपमानित होना पड़ता है। कई बार उन्हें पिटाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे हालात में कई लोग हीन भावना से भी ग्रसित होकर सार्वजनिक समारोहों और कार्यक्रमों में कम शामिल होते हैं। जबकि कुछ लोग सफलता के सिखर तक पहुंच जाते हैं। जिसमें कई बार उनका लेफ्टी होना लकी होगता है। पेश है जिले के दो लेफ्टी पुलिस अधिकारियों की कहानी उन्हीं की जुबानी।

बचपन में मम्मी ने कई बार की पिटाई
अजयगढ़ थाने में पदस्थ एसआई सरिता तिवारी बताती हैं, उनकी एक बहन और एक भाई सभी लेफ्ट हैंडर हैं। इसके कारण उन भाई बहनों को बचपन में कई बार मम्मी की पटाई खानी पड़ी। बड़े होने के साथ उन्होंने भी कई बार लेफ्ट हैंड से काम करने की आदत सुधारने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। हालत यह है कि वे राइट हैंड से भोजन तक नहीं कर पाती हैं। राइट हैंड से चम्मच पकडऩे में भी काफी परेशानी होती है। परीक्षा के दौरान भी उन्हें लेफ्ट हैंडर होने के कारण कई बार समस्या का सामना करना पड़ा। स्कूटी मोडऩे में भी कई बार परेशानी होती है। उन्होंने बताया, उनका लेफ्ट हैंडर होना उनके लिये लकी भी रहा। इससे वे स्पोर्ट्स अन्य लोगों से बेहतर तरीके से खेल लेती हैं। अन्य लोगों के मुकाबले वे बेहतर तरीके से अपने काम निपट पाती हैं।

ट्रेनिंग के दौरान हथियार चलाने में हुई परेशान
कोतवाली थाने में पदस्थ पीएसआई जया सोनी ने बताया, लेफ्ट हैंडर होने के कारण परिवर के सदस्यों और दोस्तों के बीच उनका काफी मजाक उड़ाया जात था। सागर जिले के मकोनिया में निवासी जया ने बताया, परिवार के सदस्यों के द्वारा लेफ्ट हैंड उपयोग नहीं करने के लिए सैंकड़ो जतना किए गए। जब वे स्कूल में पढ़ती थीं तब भी राइट हैंड से लिखने का प्रयास किया। लेकिन वे राइट हैंड से नहीं लिख पाती थीं। लेफ्ट हैंडर्स होने के कारण दोस्त भी चिढाने लगते थे। वे खाना खाने, पानी पीने, लिखने और वाहन चलाने के काम भी लेफ्ट हैंड से ही करती हैं। स्कूटी चलाने में राइट टर्न में कभी-कभी परेशानी होती है। जहां ने बताया, आमतौर पर हथियार राइट हैंडर्स को ध्यान में रख कर बनाएं जाते है। ट्रेनिंग में हथियार चलाने के प्रशिक्षण के दौरान दिक्कत का सामना करना पड़ा था। बाद में प्रेक्टिस करते.करते सुधार आ गया। उन्होंने बताया, बचपन से ले ट हैंड में खाने पीने की आदत होने कारण कई बार पार्टी में राइट हैंड से भोजन करना पड़ता है। मगर राइट हैंड़ से मेरी भूख नहीं मिटती।