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स्नान के दौरान लू लगने से बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ

नगर के जगन्नाथ स्वामी मंदिर में समारोह के साथ शुरू हुआ ऐतिहासिक रथ यात्रा महोत्सवश्रद्धालुओं को 15 दिन तक नहीं होंगे भगवान के दर्शन, बीमारी में भगवान धारण करेंगे स्वेत वस्त्र

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स्नान के दौरान लू लगने से बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ

स्नान के दौरान लू लगने से बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ

पन्ना. नगर के भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर में सोमवार की सुबह भगवान की स्नान यात्रा के साथ ऐतिहासिक रथ यात्रा महोत्सव का समारोह के साथ शुभारंभ हो गया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे गाजे बाजे के साथ भगवान को परिसर स्थित एक छोटे मंदिर में लागा गया। वहां पहले से मौजूद औषधियों युक्त जल से भगवान को हजार छिद्र वाले हजारिया घड़े से स्नान कराया गया। स्नान के बाद भगवान की आरती उतारी गई और प्रसाद स्वरूप भगवान के स्नान में उपयोग होने वाले घट को श्रद्धालुओं के बीच लुटाया गया। जिन्हें लूटने के लिए लोगों के बीच होड़ लग गई। भगवान की स्नान यात्रा शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने पूजा-अर्चना की और भगवान के विग्रह को छोटे मंदिर तक पहुंचाया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे।
मंदिर के पुजारी राकेश गोस्वामी, पन्ना राजपरिवार के राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर व एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में उपस्थिति में गाजे-बाजे के साथ भगवान के विग्रह को बैंड की धुन के बीच एक-एक करके मंदिर के गर्भगृह से स्नान के लिए बाहर निकालकर छोटे मंदिर में लाया गया। इस दौरान भगवान की एक झलक पाने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग मंदिर पहुंच चुके थे। भगवान के मार्ग मेंं रेड कार्पेट बिछाया गया था। जिसके दोनों ओर श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए ललायित खड़े हुए थे। मंदिर परिसर स्थित छोटे मंदिर में भगवान के पहुंचने के बाद वहां पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान को औषधीय युक्त जल से स्नान कराया। आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच घट लुटाए गए। जिन्हें लूटने के लिए लोगों ने भारी जद्दोजहद की।


लू लगने से बीमार पड़े जगन्नाथ
स्नान यात्रा के दौरान भगवान को लू लग गई है। इससे वे बीमार हो गए हैं। इससे आगामी १५ दिनों तक श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन नहीं हो पाएंगे। बीमारी के दौरान भगवान को स्वेत वस्त्र पहनाए जाएंगे। वैद्य द्वारा प्रतिदिन भगवान को औषधियां दी जाएंगी, जिससे कि वे शीघ्र स्वस्थ्य हों। 15 दिन के बाद आषाढ कृष्ण अमावस्या 2 जुलाई को पथ प्रसाद वितरण कार्यक्रम होगा। अगले दिन 3 जुलाई को रात्रि 8 बजे धूप कपूर की झांकी के दर्शन होंगे। रथयात्रा का शुभारंभ 4 जुलाई को शाम 6.30 बजे जगदीश स्वामी मंदिर बड़ा दीवाला से होगा। भगवान जगदीश स्वामी बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के साथ रथों में सवार होकर निकलेंगे। भगवान की बारात का पहला पडाव लखूरन में होगा। भगवान की बारात 5 जुलाई को शाम 5 बजे लखूरन से रवाना होकर चौपरा पहुंचेगी और वहीं पर भगवान का विश्राम होगा। अगले दिन 6 जुलाई को चौपरा से भगवान की बारात रथयात्रा में चलकर जनकपुर पहुंचेगी जहां पर शाम 7.30 बजे टीका होगा तथा पूजन आरती एवं स्वागत तथा धार्मिक कार्यक्रम होगा। जनकपुर मंदिर में 7 जुलाई को सुबह 9 बजे प्रवेश करेंगे। जहां पर परम्परागत तरीके से विभिन्न कार्यक्रम सम्पन्न होंगे। जनकपुर मंदिर में 8 जुलाई को कथा पूजन, हवन एवं भण्डारे का कार्यक्रम सम्पन्न होंगे। 09 जुलाई को पन्ना स्थित जगदीश स्वामी मंदिर से लक्ष्मी जी की सवारी शाम को निकलेगी और जनकपुर पहुंचेगी तथा जनकपुर से वापस होगी। 10 जुलाई को जनकपुर से रथयात्रा की वापसी शुरू होगी तथा चौपरा में रूकेगी। 11 जुलाई को रथयात्रा वापसी चौपरा से लखूरन तक होगी। 12 जुलाई को रथयात्रा वापसी लखूरन से जगदीश स्वामी मंदिर बडा दिवाला तक के लिए हो जाएगी। मंदिर के बाहर लक्ष्मी जू का संवाद एवं मंदिर के बाहर रात्रि विश्राम होगा। 13 जुलाई को सुबह 8 बजे भगवान जगदीश स्वामी जू मंदिर में प्रवेश करेंगे एवं सात मूर्ति के दर्शन इस दिन होंगे और रथ यात्रा कार्यक्रम का समापन हो जाएगा।